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बाबा साहेब की जयंती पर उत्साह : इटखोरी भद्रकाली में गूंजा ‘जय भीम’ का नारा


कांग्रेस नेता बैजू गहलोत हुए शामिल

इटखोरी : इटखोरी प्रखंड के हाई स्कूल में मैदान में भारत रत्न बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती काफी धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम के पहले हाई से शोभायात्रा इटखोरी चौक होते हुवे इटखोरी ब्लॉक गाँधी स्मारक पहुंच कर मालाअर्पण किया गया,वहां से वापस लौटे हाई स्कूल मैदान में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए दीप प्रज्वलित कर किया गया। शोभायात्रा में सैकड़ो के संख्या में महिलाएं बच्चे शामिल हो कर गाजे बजे के साथ पहुंच कर सोभा बढ़ा दी, पहुंचे हुए अतिथियों ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जीवनी पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डाला।

अतिथियों ने बताया कि बाबा साहब अंबेडकर केवल भारत के ही नहीं संपूर्ण विश्व का एक अनमोल धरोहर है अनमोल रत्न हैं। इनका जन्म 14 अप्रैल 1891 को महू मध्यप्रदेश में हुई थी। बाबासाहेब अंबेडकर ने शोषित , पीड़ित , अभिवंचित , दलित और पिछड़े लोगों के लिए एवं उनके कल्याण के लिए अपना संपूर्ण जीवन निछावर कर दिया । बचपन से ही उन्होंने छुआछूत की पीड़ा झेला था।

 लेकिन आने वाले पीढ़ियों को छुआछूत की पीड़ा से आजाद करने के लिए उनका दृढ़ निश्चय ने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को शिक्षा के प्रति जबरदस्त रूप से समर्पित करने को विवश किया और परिणाम उनके मनोनकुल निकला। आज पूरा विश्व बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का जन्मदिन मना रहा है ।भीमराव अंबेडकर ने राजनीतिक चेतना के लिए कई राजनीतिक दलों की अगुवाई की जिसमें शेड्यूल कास्ट फेडरेशन, स्वतंत्र लेबर पार्टी , भारतीय रिपब्लिकन पार्टी , बहिष्कृत हितकारिणी सभा , समन सैनिक दल आदि सम्मिलित हैं। 

आगे उन्होंने बताया कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का मानना था कि समस्त भारतीयों को जब तक राजनीतिक गुलामी से मुक्ति नहीं मिलेगी तब तक उनका प्रजातंत्र- लोकतंत्र सुनिश्चित नहीं होगा , उनकी आजादी सुनिश्चित नहीं होगी और उनकी स्वतंत्रता सपना के रूप में साकार नहीं होगा । शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बाबा साहब अंबेडकर ने पिपुल्स एजुकेशन सोसाइटी , डिप्रेस्ड क्लासेस आफ एजुकेशनल सोसाइटी , द मुंबई कॉस्ट इंप्रूवमेंट ट्रस्ट आदि की स्थापना करते हुए समाज में शिक्षा का उजाला फैलाने का जबरदस्त संकल्प लिया। 

बाबा साहब अंबेडकर ने भारत के शोषित ,उत्पीड़ित ,वंचित ,पिछड़े व अन्य गरीब वर्गों के उत्थान के लिए , मानसिक कल्याण के लिए और मानसिक आजादी के लिए समाज की संरचना को समझने के लिए कई पुस्तक लिखी । उन पुस्तकों में प्रमुख एनहिलेशन ऑफ़ कास्ट , कास्ट सिस्टम इन इंडिया , रिडल्स इन हिंदुइज्म ,.द वेपर आफ द शूद्रा , बुद्धिज्म , इकोनामिक साइंस , ह्यूमन फिलासफी , वेटिंग फॉर विजा आदि प्रमुख रचनाएं माने जाते हैं । बाबा साहब के शिक्षा से संबंधित कोलंबिया विश्वविद्यालय , मुंबई विश्वविद्यालय , लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स , रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया आदि माने जाते हैं। 

इस मौके पर प्रिया कुमारी प्रमुख इटखोरी, प्रीति कुमारी पंचायत समिति,विधायक उज्जवल दास, पूर्व विद्यायक योगेंद्र बैठा, पूर्व डीएसपी केदार राम, बैजु गहलोत, सरिता देवी जिला परिषद सदस्य इटखोरी,विष्णु रजक, मुखिया संघ के अध्यक्ष रंजय भारती, मुखिया श्रीमती किरण देवी, मुखिया सोनी कुमारी, मुखिया आरती देवी, मुखिया जोगेश्वर दांगी,संजय रजक,रामाशंकर पासवान, अशोक यादव,संतोष कुमार सोनी,अम्बेडकर विचार धारा मंच के अध्यक्ष मुंसी रविदास, अजय पासवान अध्यक्ष भीम आर्मी इटखोरी,भरत रविदास,सीता राम रविदास,सुरेश रविदास, ईश्वर रविदास,शंकर रविदास,पूर्व मुखिया श्याम सिंह, देव कुमार सिंह,महेन्द्र रजक.

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