Hot Posts

6/recent/ticker-posts

JPSC SCAM : 14वीं जेपीएससी परीक्षा घोटाले में नया मोड़, 11 उम्मीदवारों से एक करोड़ लिए, 24 अभ्यर्थियों के नाम के सबूत, 11 तो पास भी हो गए..

सिम्मी शर्मा / रांची संवाददाता

रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग में घोटाले की जांच कर रही CID ने स्पेशल कोर्ट में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर कर दी है। इस चार्जशीट में जो लिखा गया है वो किसी बड़े खुलासे से कम नहीं है। एक रिपोर्ट के अनुसार CID ने जेपीएससी परीक्षा में पास कराने के लिए 11 उम्मीदवारों से एक करोड़ रुपये लेने की बात बताई है। इसमें बुद्धेश्वर भगत को मिलाकर कुल 10 आरोपियों पर चार्ज लगाया गया है। इनके खिलाफ डिजिटल सबूत, CDR (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) और बैंक अकाउंट के जरिए लेन देन की रिपोर्ट भी है।

जेपीएससी घोटाले में बड़ा खुलासा

जेपीएससी घोटाले में ये भी पता चला चला है कि आरोपियों के लैपटॉप में कुल 24 उम्मीदवारों की लिस्ट मिली। इसमें से 11 उम्मीदवारों से 1 करोड़ रुपये वसूले गए। वो लिस्ट भी लैपटॉप में रिजल्ट के आने से 24 घंटे पहले मिली थी। इनमें से 11 उम्मीदवारों ने पीटी परीक्षा पास भी कर ली थी। एक रिपोर्ट के मुताबिक बुद्धेश्वर भगत का सीधा संपर्क इस गैंग के किंगपिन से था। भगत खुद एक टेक्निकल एक्सपर्ट भी था। उम्मीदवारों से बकाए पैसे की वसूली के लिए उनके ऑरिजिनल सर्टिफिकेट और कैश पहुंचाने का जिम्मा उसी के पास था।

किन लोगों पर क्या आरोप: रिपोर्ट


आरोपीआरोप
धर्मेंद्र कुमारइस आरोपी की JPSC के तत्कालीन अध्यक्ष के साथ बातचीत के रिकॉर्ड मिले हैं। वो भी एक या दो बार नहीं बल्कि 73 बार। रिपोर्ट में बताया गया है कि धर्मेंद्र कुमार अयोग्य उम्मीदवारों का नाम मेरिट लिस्ट में घुसाने के लिए डीलिंग करता। वो तत्कालीन अध्यक्ष से सीधे टच में था। आरोप है कि धर्मेंद्र ने ही TDPL और बिसिंस को इंपैनल करवाने में अहम रोल निभाया था।
अरुण कुमारइस पर आरोप है कि वो एग्जाम पास होने की गारंटी देता था और उम्मीदवारों से एडवांस पैसे भी उठाता था। अरुण ही पैसे देने के इच्छुक उम्मीदवारों से मुलाकात करता था। इसके बाद वो उनसे एडवांस पैसे लेता था।
रमेश कुमारइस पर आरोप है कि वो एग्जाम माफिया और उम्मीदवारों के बीच कॉर्डिनेशन का काम करता था। रमेश इस दौरान माफिया और पैसे देने वाले उम्मीदवारों के बीच पुल का काम करते हुए उनके बीच संपर्क को बनाए रखता था। ओएमआर शीट में हेरफेर करने का आरोप भी रमेश पर ही है।
उमेश कुमारउमेश पर आरोप है कि उसने लेन देन से जुड़े सबूत मिटाने की प्लानिंग की थी। इसके लिए वो पूरे गैंग के लिए पैसों के ट्रांजेक्शन और कॉन्फिडेंशियल डॉक्यूमेंट्स का हिसाब किताब भी रखता था। आरोप है कि उमेश ने उम्मीदवारों से लिए ऑरिजनल सर्टिफिकेट छिपाए थे।
उमाकांत उरांवइस पर आरोप है कि उरांव ने उम्मीदवारों को परीक्षा माफिया से संपर्क कराया था। खुद भी वो 14वीं जेपीएससी पास कर गया था। वो अपने कॉन्टैक्ट्स के जरिए उम्मीदवारों से पैसे लाता था और बिचौलियों के हवाले कर देता था।
ब्रज कुमार रामइस मामले में जेपीएससी की पूर्व सदस्य अजिता भट्टाचार्य के पीए ब्रज कुमार राम पर भी आरोप है। उस पर आरोप लगा है कि वो अजित भट्टाचार्य के नाम पर JPSC उम्मीदवारों को एग्जाम पास कराने का वादा करता था और वसूली भी करता था।

Post a Comment

0 Comments