रांची । गुमला विधानसभा की जेएलकेएम की पूर्व प्रत्याशी, प्रखर वक्ता और संघर्षशील आदिवासी नेत्री निशा भगत की मौत की घटना ने पूरे झारखंड को झकझोर दिया है। इस घटना पर जेएलकेएम के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें अंतिम जोहार और विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने और दोषियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग की है।
अस्पताल पहुंचकर ली घटना की जानकारी —
घटना की सूचना मिलने पर देवेंद्र नाथ महतो तत्काल कांके जनरल हॉस्पिटल पहुंचे। वहां उन्हें जानकारी मिली कि निशा भगत को रिम्स ले जाया गया है। इसके बाद वे रिम्स पहुंचे और डीएसपी, कांके थाना प्रभारी एवं पिठोरिया थाना प्रभारी से बातचीत की। उन्होंने रिम्स के ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
फेसबुक लाइव में बयां किया था अपना दर्द —
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि फेसबुक लाइव के दौरान निशा भगत रोती हुई और बेहद भावुक स्थिति में दिखाई दे रही थीं। उन्होंने अपने माता-पिता से माफी मांगी थी। लाइव के दौरान पिठोरिया थाना प्रभारी को फोन कर कहा था कि लिखित शिकायत देने के बावजूद उनकी मदद नहीं की गई। उन्होंने बताया कि निशा भगत ने झारखंड सरकार से जुड़े लोगों, कथित जमीन माफियाओं, भाजपा और आरएसएस के लोगों द्वारा सहयोग नहीं किए जाने तथा सरकार से जुड़े लोगों द्वारा परेशान किए जाने की बात भी कही थी।
शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने पर उठाए सवाल —
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि एक प्रखर, बेबाक और संघर्षशील आदिवासी बेटी का फेसबुक लाइव के दौरान आत्महत्या का कदम उठाना बेहद गंभीर और झारखंड को शर्मसार करने वाली घटना है। आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां पैदा हुईं कि निशा भगत को इतना बड़ा कदम उठाना पड़ा? उनकी शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने, घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और दोषियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग की।

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