चौपारण : कभी सड़क, पुल-पुलिया और पीसीसी पथ निर्माण को लेकर विकास की रफ्तार के लिए चर्चा में रहा बरही क्षेत्र आज जर्जर सड़कों और जगह-जगह बने गड्ढों को लेकर सवालों के घेरे में है। सड़कों पर उखड़ी गिट्टी, बड़े-बड़े गड्ढे और जमा गंदा पानी राहगीरों की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। इसके साथ ही बिजली की अनियमित आपूर्ति से भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोग पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला के कार्यकाल में कराए गए विकास कार्यों को याद करते हुए मौजूदा स्थिति से तुलना कर रहे हैं। वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, अकेला ने अपने कार्यकाल में विधायक मद से करीब 500 योजनाएं, 100 ग्रामीण पथ, 30 पुल-पुलिया और हजारों मीटर पीसीसी पथ का निर्माण कराया था। इसके अलावा डिग्री कॉलेज, कई विद्यालयों का उन्नयन, बिजली आपूर्ति और अस्पताल व्यवस्था में सुधार सहित कई विकास कार्य कराए थे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उस दौर में सड़क और ग्रामीण आधारभूत संरचना से जुड़े कार्य लगातार नजर आते थे। वहीं वर्तमान में कई प्रमुख और ग्रामीण सड़कों की जर्जर स्थिति को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। अब बरही की सड़कों की बदहाली को लेकर राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जिस क्षेत्र में कभी सड़क निर्माण विकास की पहचान बन रहा था, वहां आज सड़कें गड्ढों में क्यों तब्दील होती जा रही हैं। पुराने विकास कार्यों और वर्तमान स्थिति की तुलना के बीच बरही में विकास के दावों की हकीकत पर बहस छिड़ गई है।

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