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पीएम श्री स्कूलों में संसाधन तो बढ़े, पर शिक्षक कम — इटखोरी में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर संकट

कृष्णा कुमार कुशवाहा 

इटखोरी (चतरा)। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम श्री योजना के तहत इटखोरी प्रखंड के दो विद्यालयों - पीएम श्री मध्य विद्यालय इटखोरी और पीएम श्री प्लस टू उच्च विद्यालय टोनाटांड़ को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। भवनों का जीर्णोद्धार, प्रयोगशाला और डिजिटल सुविधाएं तो बढ़ाई गई हैं, लेकिन शिक्षकों की भारी कमी के कारण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का उद्देश्य अधूरा रह गया है।टोनाटांड़: 723 बच्चों पर 11 शिक्षक प्लस टू उच्च विद्यालय टोनाटांड़ में कक्षा 1 से 12 तक कुल 723 बच्चे नामांकित हैं। प्रतिदिन 450 से 500 बच्चों की उपस्थिति रहती है। विद्यालय में कंप्यूटर शिक्षक सहित कुल 11 शिक्षक पदस्थापित हैं।

विद्यालय की सभी कक्षाओं को स्मार्ट क्लास से जोड़ा गया है। आईसीटी लैब, डिजिटल लाइब्रेरी, विज्ञान प्रयोगशाला तथा खेल एवं संगीत सामग्री उपलब्ध कराई गई है। कमरों की कमी दूर करने के लिए पांच नए भवनों का निर्माण तेजी से चल रहा है, साथ ही चहारदीवारी निर्माण भी प्रस्तावित है।

मध्य विद्यालय इटखोरी: 300 बच्चों पर 10 शिक्षक, स्मार्ट क्लास बंद पीएम श्री मध्य विद्यालय इटखोरी की स्थिति अधिक चिंताजनक है। यहां कक्षा 1 से 8 तक 300 बच्चे नामांकित हैं, जबकि औसत दैनिक उपस्थिति 200 के आसपास रहती है। शिक्षकों की बात करें तो कंप्यूटर शिक्षक सहित कुल 10 शिक्षक हैं, जिनमें 3 नियमित और 7 सहायक शिक्षक शामिल हैं।

संसाधन के नाम पर यहां तीन स्मार्ट क्लासरूम बनाए गए हैं, विज्ञान और आईसीटी लैब तैयार हो रहा है, लेकिन सब्सक्रिप्शन समाप्त होने के कारण स्मार्ट क्लास बंद पड़ा है। प्रशिक्षित शिक्षकों के अभाव में प्रयोगशाला का भी समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है।

प्रधानाध्यापकों ने जताई चिंता

टोनाटांड़ के प्रधानाध्यापक रामलखन साव और मध्य विद्यालय इटखोरी के प्रधानाध्यापक अरुण सिंह ने बताया कि पीएम श्री योजना के बाद आधारभूत संरचना में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, लेकिन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों की कमी बड़ी बाधा बनी हुई है। संसाधन होने के बावजूद शिक्षकों की कमी से पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है।

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