कृष्णा कुमार कुशवाहा
चौपारण (हजारीबाग)। भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की 151वीं जयंती के अवसर पर बरही विधानसभा क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि मुकुंद साव ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। एक गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुकुंद साव ने कहा कि सरदार पटेल एक स्वतंत्रता सेनानी, अधिवक्ता और राजनेता थे। उन्हें 'सरदार' अर्थात प्रमुख के नाम से जाना जाता है। उन्होंने भारत के प्रथम उप-प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया और स्वतंत्र भारत में देशी रियासतों के एकीकरण की महान चुनौती को सफलतापूर्वक हल किया। 1947 के भारत-पाक युद्ध के दौरान उन्होंने गृह मंत्री के रूप में अहम भूमिका निभाई।
उन्होंने बताया कि सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को नडियाद, गुजरात में हुआ था। वे झवेरभाई पटेल और लाडबा देवी की चौथी संतान थे। उन्होंने लंदन से बैरिस्टर की पढ़ाई की और महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित होकर स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया। मुकुंद साव ने कहा कि देश आजाद होने के बाद पूरा देश चाहता था कि सरदार पटेल प्रधानमंत्री बनें, जिसका मलाल आज भी देशवासियों को है। इस अवसर पर हजारीबाग के लोकप्रिय सांसद मनीष जायसवाल, बरही के विधायक मनोज कुमार यादव, लोकसभा सांसद प्रतिनिधि सत्येंद्र नारायण सिंह, जिला सांसद प्रतिनिधि अजय साव, वरिष्ठ नेता अनिल मिश्रा सहित कई नेताओं ने पुष्पांजलि अर्पित की।

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