बिना नंबर के लाल टेम्पो में 20 से अधिक गैलन डीजल जब्त, टैंकरों से कटिंग कर बाजार में खपाने का सनसनीखेज आरोप
कृष्णा कुमार कुशवाहा
चौपारण (हजारीबाग)। प्रखंड में डीजल कटिंग के अवैध कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। दनुवा घाटी से लेकर महुदी तक टैंकरों से डीजल की कटिंग कर उसे गैलनों में भरकर विभिन्न ठिकानों पर खपाए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा काला धंधा कथित तौर पर दिनदहाड़े संचालित किया जा रहा है। ताजा मामला उस समय प्रकाश में आया जब एक बिना नंबर प्लेट वाले लाल टेम्पो (पियाजियो आपे) में तिरपाल से ढककर ले जाए जा रहे 20 से अधिक नीले गैलनों में भरा डीजल पकड़ा गया। मौके पर मौजूद टेम्पो चालक से पूछताछ में उसने सनसनीखेज दावा किया। चालक के अनुसार, यह डीजल दनुवा घाटी में एक टैंकर से काटा गया था और इसे महुदी स्थित एक दुकान तक पहुंचाया जा रहा था, जहां से इसकी आगे आपूर्ति की जाती है। हालांकि, चालक के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
टैंकर से कटिंग, गैलन में पैकिंग और फिर बाजार में खपत!
आरोपों के मुताबिक, इस अवैध धंधे का तरीका बेहद संगठित है। पहले सुनसान जगहों पर टैंकरों से डीजल निकाला जाता है, फिर उसे गैलनों में भरकर छोटे वाहनों से अलग-अलग जगहों पर पहुंचाया जाता है। इससे कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं - आखिर टैंकरों से कटिंग किसकी शह पर हो रही है? बिना नंबर के वाहनों में ज्वलनशील पदार्थ की खुलेआम ढुलाई कैसे हो रही है? और इतने बड़े पैमाने पर चल रहे इस खेल पर अब तक अंकुश क्यों नहीं लगा?
सुरक्षा और राजस्व दोनों पर खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, पेट्रोलियम पदार्थों के भंडारण और परिवहन के लिए सख्त सुरक्षा मानक तय हैं। खुले गैलनों में डीजल की ढुलाई और भंडारण से भीषण आगजनी का खतरा हमेशा बना रहता है। साथ ही, इस अवैध बिक्री से सरकार को भारी राजस्व का नुकसान भी हो रहा है। मामले को लेकर चौपारण थाना प्रभारी पंकज कुमार ने बताया कि डीजल कटिंग की सूचना संज्ञान में आई है। पुलिस इसे गंभीरता से ले रही है और जल्द ही छापेमारी कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब सबकी निगाहें पुलिस और आपूर्ति विभाग की संयुक्त कार्रवाई पर टिकी हैं। देखना होगा कि दनुवा घाटी से महुदी तक फैले इस कथित काले कारोबार का पर्दाफाश कब होता है और इसके पीछे के सफेदपोश चेहरे कब बेनकाब होते हैं।

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