दिल्ली के यमुना बिहार निवासी पवन शर्मा की मेट्रो में सीनियर सिटीजन सीट पर बैठने के विवाद में कथित पिटाई के बाद मौत हो गई।
डिजिटल डेस्क / नई दिल्ली
नई दिल्ली: यमुना बिहार में रहने वाले पवन शर्मा 8 अक्टूबर को अपने बीमार छोटे भाई दीपक शर्मा (42) को देखने के लिए मां दुर्गा देवी (65) के साथ गुरुग्राम गए थे। लेकिन लौटते वक्त सीनियर सिटीजन की सीट पर बैठने के झगड़े में आरोपी बाप-बेटे संजय प्रताप सिंह (65) और सिद्धार्थ सिंह (36) ने मां के सामने ही पवन (48) की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिसके कारण उनकी मौत हो गई।
उनकी मौत के बाद अब परिवार को चिंता है कि उनके दोनों बच्चों दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटी अंशिका शर्मा (14) और बीए पार्ट वन में पढ़ने वाले बेटे दिव्यांश (19) का क्या होगा। वहीं पत्नी अंजली शर्मा मानो सुध-बुध ही खो चुकी हैं। अपनी आंखों के सामने बेटे की मौत देखने वाली बुजुर्ग मां की आंखों के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। मां और छोटे भाई ने दोषियों को फांसी की सजा की मांग की है।
जानकारी के मुताबिक, प्राइवेट सेक्टर में जॉब करने वाले पवन शर्मा परिवार के साथ यमुना बिहार में रहते थे। परिवार में मां, पत्नी, बेटा और बेटी हैं। उनके छोटे भाई दीपक अपने परिवार के साथ गुरुग्राम में रहते हैं। प्रॉपर्टी का काम करते हैं। पवन की पत्नी गृहिणी हैं। घर की सारी जिम्मेदारी पवन पर ही थी।
पवन के छोटे भाई ने कहा- ये हत्या है
पवन के छोटे भाई ने बताया कि उनकी तबियत खराब थी। उन्हें ही देखने के लिए उनकी मां और बड़े गुरुग्राम आए थे। उन्होंने बताया कि 8 अक्टूबर को शाम करीब 4 बजे वे लोग वापस मेट्रो पकड़ यमुना बिहार जा रहे थे। शाम 5 बजे उन्हें सूचना मिली कि उनके भाई की तबियत खराब है। शाम 7 बजे अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि भाई की मेट्रो में पीटकर हत्या कर दी गई है। उन्होंने कहा है कि यह सीधे हत्या है, आरोपियों को फांसी की सजा होनी चाहिए।

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