राँची में बंद का व्यापक असर देखा गया :-अरुण साहू
रांची। झारखंड में OBC आरक्षण और अधिकारों की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। केंद्रीय पिछड़ी जाति संघर्ष समिति ने मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को झारखंड के पांच जिलों में बंद और चक्का जाम किया गया । इस बंद का सबसे ज्यादा असर रांची, गुमला, सिमडेगा, खूंटी और लोहरदगा जिलों में देखने को मिल है। समिति के नेता अरुण साहू का कहना है कि OBC समुदाय लंबे समय से अपने संवैधानिक अधिकारों, आरक्षण और राजनीतिक भागीदारी की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार द्वारा इस पर कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है। इसी को लेकर यह आंदोलन तेज किया गया है।
क्या हैं मुख्य मांगें?
1. OBC को आबादी के अनुपात में आरक्षण दिया जाए
2. पंचायत और निकाय चुनाव में OBC के लिए आरक्षित सीटें बहाल की जाएं
3. राजनीतिक भागीदारी और सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी सुनिश्चित हो
4. पिछड़ी जातियों के लिए अलग कल्याण बोर्ड का गठन हो
क्या रहेगा बंद, क्या खुलेगा?
बंद के दौरान सड़कों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित है। NH-23 और रांची-गुमला मुख्य मार्ग पर चक्का जाम किया बाजार, दुकानें, स्कूल-कॉलेज बंद रहने की अपील की गई है। हालांकि समिति ने कहा है कि एम्बुलेंस, दूध, मेडिकल और अन्य आवश्यक सेवाओं को बंद से छूट दी गई है.
प्रशासन अलर्ट पर
पांचों जिलों के प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने लोगों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन और अफवाहों से बचने की अपील की है। केंद्रीय पिछड़ी जाति संघर्ष समिति ने सभी OBC संगठनों और आम लोगों से इस बंद को सफल बनाने और समर्थन देने की अपील की है।
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