शुभ लक्ष्मी ट्रांसपोर्ट पर उठे सवाल,सैकड़ों 18 से 22 चक्का ट्रेलरों से सड़कों पर फैल रहा राख और धूल का गुबार
राहगीरों का सांस लेना दूभर,जिला प्रशासन से दर्जनों वाहनों को जब्त कर कार्रवाई की मांग
कौन है शुभ लक्ष्मी ट्रांसपोर्ट का लाइजनर,किसका संरक्षण में फल फूल रहा--राख का धंधा
टंडवा / चतरा | एनटीपीसी टंडवा बिजली प्लांट से फ्लाई ऐश की ढुलाई में लगे शुभ लक्ष्मी ट्रांसपोर्ट कंपनी के सैकड़ों 18 से 22 चक्का ट्रेलर इन दिनों टंडवा-सिमरिया-चतरा मुख्य सड़क पर प्रदूषण फैलाने का बड़ा कारण बनते जा रहे हैं। जहरीली राख की ढुलाई में लगे इन भारी वाहनों से उड़ती राख और धूल ने सड़क किनारे बसे लोगों, राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों की परेशानी बढ़ा दी है। हालात ऐसे हैं कि सड़क पर चलना तक मुश्किल होता जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि फ्लाई ऐश ढुलाई के दौरान प्रदूषण नियंत्रण के निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। वाहनों से उड़ती राख हवा में घुलकर लोगों के घरों,दुकानों और आसपास के वातावरण को प्रभावित कर रही है। इससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है और लोगों में सांस संबंधी बीमारियों समेत अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर चिंता बढ़ रही है।
विडंबना यह है कि औद्योगिक विकास और परिवहन के नाम पर आम जनता को प्रदूषण का बोझ उठाना पड़ रहा है। एक ओर एनटीपीसी से निकलने वाली राख का व्यावसायिक परिवहन हो रहा है, वहीं दूसरी ओर सड़क पर चलने वाले लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि फ्लाई ऐश का परिवहन नियमों के अनुरूप हो रहा है, तो सड़कों पर राख और धूल का गुबार क्यों दिखाई दे रहा है?
क्या संबंधित कंपनी और परिवहन विभाग ने वाहनों की नियमित जांच की है? क्या जिला प्रशासन इस समस्या से अनजान है? स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण विभाग और परिवहन विभाग से मांग की है कि टंडवा-सिमरिया-चतरा सड़क पर फ्लाई ऐश ढुलाई में लगे वाहनों की सघन जांच कराई जाए। नियमों का उल्लंघन करने वाले दर्जनों ट्रेलरों को तत्काल जब्त किया जाए तथा संबंधित ट्रांसपोर्ट कंपनी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित हो।अब सवाल यह है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे या गंभीर स्वास्थ्य संकट का इंतजार करेगा या फिर समय रहते प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर नकेल कसेगा।
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