Ranchi : राज्यसभा चुनाव की राजनीतिक गर्माहट के बीच प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में महागठबंधन दलों के नेताओं ने संयुक्त पीसी की. इस दौरान भारत निर्वाचन आयोग, राज्यसभा चुनाव के निर्वाची अधिकारी की भूमिका पर सवाल खड़े किए. महागठबंधन ने बीजेपी पर लोकतंत्र को कलंकित करने का आरोप लगाया है. महागठबंधन दलों के नेताओं ने आपसी एकजुटता और 56 विधायकों की एकजुटता का दावा भी पेश किया है.
वहीं प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजद की ओर से कोई पदाधिकारी उपस्थित नहीं होने पर महागठबंधन ने बताया कि राजद के प्रदेश अध्यक्ष से उनकी बात हुई थी, वह रांची में नहीं थे, इसलिए राजद का कोई प्रतिनिधि संयुक्त पीसी में नहीं पहुंच सका है. वहीं वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी का नामांकन पत्र रद्द नहीं करने के मामले को मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पास ले जाने की बात तक कही है.
परिमल नाथवानी के नामांकन में त्रुटियां, रद्द होना चाहिए था नामांकन: केशव महतो कमलेश
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया चल रही है. कल हमारे दोनों प्रत्याशी का नामांकन वैध हुआ था जबकि परिमल नाथवानी के नामांकन में त्रुटियां पाई गई थीं, जिसको हमारे विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने भी उठाया था. एक ओर मध्य प्रदेश में हमारी उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन 15 मिनट में रद्द कर दिया गया, जबकि यहां पर कई कमियों के बावजूद नामांकन रद्द नहीं किया गया. परिमल नाथवानी के नाम के सरनेम समेत कई त्रुटियां पाई गई थी लेकिन उनका नामांकन रद्द करने की जगह उन्हें मौका दिया गया.
हमने पहले ही जता दी थी ऐसी आशंका: सुप्रियो
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि हमने पूर्व में ही कई आशंकाओं को लेकर जिक्र किया था कि निर्वाचन आयोग ऐसा करेगा. 2014 के बाद से भारत का निर्वाचन आयोग, विधानसभा और लोकसभा चुनाव और अब राज्यसभा चुनाव में भी एक पार्टी विशेष के लिए काम कर रहा है. इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया, अब बीजेपी के पक्ष में 'इलेक्शन कमीशन फॉर चेंज ऑफ वोट इंडिया' हो गया है.
जीत महागठबंधन की होगी: सुप्रियो भट्टाचार्य
सुप्रियो भट्टाचार्य ने दावा करते हुए कहा कि कि यदि तीसरा कैंडिडेट भी होगा, तब भी विधानसभा की स्ट्रेंथ के हिसाब से हम ही दोनों सीटें जीतेंगे. आज भी हमारा गठबंधन एकजुट है. आज भी हम 56 के आंकड़े में हैं. यदि चुनाव होगा, तो क्या वह निष्पक्ष होगा? अब यह बड़ा सवाल है. दो दिन राष्ट्रीय अध्यक्ष के रांची रहने के बावजूद और प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष ने अपने उम्मीदवार उतारने की घोषणा की थी लेकिन ऐसा क्या हो गया कि गौरव बल्लभ की जगह परिमल नाथवानी को मैदान में आना पड़ा. झारखंड में राज्यसभा चुनाव का खेल, अब चुनाव आयोग तय करेगा, हमें डर है कि वह वोटों का मैनिपुलेशन करेगा, ऐसा निर्वाची पदाधिकारी चुनाव आयोग ने क्यों बनाया, जिसे चुनाव कराना नहीं आता.
झारखंड में हॉर्स नहीं एलिफैंट ट्रेडिंग हो गई: राधाकृष्ण किशोर
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने आरोप लगाते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया में तकनीकी त्रुटियां रही हैं और बड़े त्रुटियों के बावजूद ECI के प्रेशर पर आरओ ने परिमल नाथवानी के नामांकन को वैध घोषित कर दिया. झारखंड में राज्यसभा चुनाव हो इससे पहले ही हॉर्स की जगह एलीफैंट ट्रेडिंग हो गया है. यही वजह है कि परिमल नाथवानी के पक्ष में एनडीए के सभी 24 विधायक प्रस्तावक बन गए.
परिमल नाथवानी ने किया तथ्यों को छुपाने का अपराध: वित्त मंत्री
मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि बहुत सोच समझकर यह योजना बनाई है कि इंडिया गठबंधन को कमजोर किया जाए. मैं, चुनाव आयोग से पूछता हूं कि आरओ ने फॉर्म में चेक स्लिप क्यों नहीं दिया. कोई चेक स्लिप क्यों नहीं जारी किया. फार्म-26 का कॉलम को क्यों खाली रखा गया?. यहां दो दो निर्वाचन आयोग चल रहा है. एक भारत का निर्वाचन आयोग और दूसरा निर्दलीय प्रत्याशी का निर्वाचन आयोग. तथ्यों को छुपाने के राजनीतिक अपराध परिमल नाथवानी ने किया है. फॉर्मेट को नहीं बदला जा सकता है. नाथवानी का नामांकन प्रपत्र रद्द हो जाये, इस उम्मीद में हमने महागठबंधन उम्मीदवार को नहीं उतारा है, जीत तो हमारी तय है लेकिन इतनी बड़ी चूक कैसे हो सकती है.
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