ईंट भट्ठे पर आतंकियों ने नाम पूछा, 2 हिंदू मजदूरों को गोली मारी; दोनों छत्तीसगढ़ के
रिपोर्ट - अंशु साहू
CG: दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में शुक्रवार को आतंकियों ने एक ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आतंकियों ने पहले मजदूरों से नाम और पहचान पूछी, फिर छत्तीसगढ़ के दो हिंदू मजदूरों को समूह से अलग कर उन पर गोलियां चला दीं।
हमले में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया।
अस्पताल में इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।
मृतकों की पहचान 24 वर्षीय दीपक रात्रे और 28 वर्षीय भूपेंद्र के रूप में हुई है।
घटना के समय वहां कई प्रवासी मजदूर मौजूद थे, लेकिन शुरुआती जानकारी के अनुसार हिंदू केवल यही दोनों मजदूर थे, जिन्हें आतंकियों ने निशाना बनाया।
हमले की सूचना मिलते ही सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया।
जांच एजेंसियां हमले के पीछे शामिल आतंकियों की तलाश में जुटी हैं।
हमले में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, दूसरे ने शनिवार सुबह श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (SKIMS) में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मारे गए युवकों की पहचान 24 साल के दीपक रात्रे और 28 साल के भूपेंद्र के रूप में हुई है।
बता दें कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था। इसमें आतंकियों ने 26 पर्यटकों को उनका धर्म पूछकर मार दिया था।
भट्ठे पर यही दोनों हिंदू थे
अधिकारियों के अनुसार, हमला कुलगाम से करीब 20 किलोमीटर दूर केलाम में हुआ। स्थानीय लोगों के मुताबिक, उन्होंने 10-12 राउंड फायर की आवाज सुनी।
घटना के समय वहां कई प्रवासी मजदूर थे, लेकिन सिर्फ यही दोनों हिंदू थे। इस हमले के बाद घटनास्थल के चारों तरफ करीब दो किलोमीटर का इलाका सील कर दिया गया है। आतंकियों की तलाश की जा रही है।
सूत्रों ने भास्कर को बताया कि एक बाइक पर 2 आतंकी आए थे। इनके आतंकी गुट लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के होने का अनुमान है। दरअसल, TRF नॉन लोकल को निशाना बनाता रहा है।

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