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गांव-गांव पहुंचा स्वास्थ्य विभाग, अहरी में टीबी स्क्रीनिंग के साथ हुई कई जांचें



"अहरी गांव में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में जांच के लिए कतार में खड़ी महिलाएं और पंजीकरण करते स्वास्थ्य कर्मी।"  

कृष्णा कुमार कुशवाहा

चौपारण: केंद्र सरकार के "100 डे टीबी मुक्त भारत अभियान" के तहत स्वास्थ्य विभाग ने चौपारण प्रखंड की चोरदहा पंचायत स्थित अहरी गांव में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया। शिविर में संभावित टीबी मरीजों की स्क्रीनिंग के साथ ग्रामीणों की व्यापक स्वास्थ्य जांच की गई।

जिला यक्ष्मा पदाधिकारी, हजारीबाग तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौपारण के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के निर्देश पर आयोजित इस शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव पहुंची।

एक ही जगह हुई कई जांचें

स्वास्थ्य कर्मियों ने शिविर में पहुंचे ग्रामीणों का एक्स-रे, रक्तचाप, रक्त शर्करा और हीमोग्लोबिन स्तर की जांच की। स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि एक ही स्थान पर विभिन्न जांच की सुविधा मिलने से ग्रामीणों को काफी सहूलियत हुई और बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साह के साथ जांच कराई।

टीबी के लक्षण और बचाव पर जागरूकता शिविर में स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों को टीबी के लक्षण और बचाव के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि "लगातार 2 सप्ताह से अधिक खांसी, वजन कम होना, लगातार बुखार, रात में पसीना आना और कमजोरी जैसे लक्षण दिखें तो उसे नजरअंदाज न करें। तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। समय पर पहचान और नियमित उपचार से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है।"

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि सरकारी व्यवस्था के तहत टीबी की जांच और उपचार पूरी तरह निःशुल्क है। जांच में पुष्टि होने वाले मरीजों को विभाग की निगरानी में उपचार से जोड़ा जाएगा और जरूरत अनुसार पोषण सहायता भी दी जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार इस 100 दिवसीय अभियान का मुख्य उद्देश्य टीबी के संभावित मरीजों की घर और समुदाय स्तर पर पहचान कर उन्हें शीघ्र उपचार से जोड़ना है। इसके जरिए बीमारी के प्रसार को रोकने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाई जा रही है।

शिविर में स्वास्थ्य कर्मियों, आशा कार्यकर्ताओं और पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रही। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से अपील की कि लक्षण दिखने पर समय पर जांच कराएं और टीबी मुक्त समाज बनाने में सहयोग करें।

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