कृष्णा कुमार कुशवाहा
हजारीबाग : हजारीबाग विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग के यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (UCET) में बीटेक प्रथम वर्ष के नवप्रवेशित छात्रों के लिए 21 दिवसीय इंडक्शन प्रोग्राम-2026 की शुरुआत सोमवार को हुई। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और आचार्य विनोबा भावे के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई।
इंजीनियरिंग ज्ञान को व्यवहार में लाने की सीख
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डीवीसी हजारीबाग के अधीक्षण अभियंता (इलेक्ट्रिकल) एवं एचओपी आर. एन. शर्मा ने छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबों के लिए गए सिद्धांतों को समझना नहीं है, बल्कि उसे अपने ज्ञान का इस्तेमाल वास्तविक जीवन की समस्याओं को हल करने में करना है। उन्होंने छात्रों को कॉलेज टैलेंटमेंट के साथ एनालिटिकल और क्रिटिकल सोच विकसित करने और अनुशासन को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की सलाह दी। संस्थान के निदेशक डॉ. आशीष कुमार साहा ने संस्थान की स्थापना से लेकर अब तक की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी। कुलसचिव डॉ. सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने छात्रों को विश्वविद्यालय की "No Ragging" प्रतिज्ञा दिलाई।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. पवन कुमार माहतो ने परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी जानकारी दी, वहीं लाइब्रेरी साइंस के महेश डॉ. विनोद रंजन ने पुस्तकालय के महत्व और ई-ग्रंथालय के उपयोग के बारे में बताया। पीएम-उषा के नोडल अधिकारी डॉ. अरुण कुमार मिश्र ने छात्रों से अपनी मौलिकता बनाए रखने की अपील की और धर्म व दर्शन विभाग के व्याख्याता धर्म ने विद्यार्थियों को नियमित जीवनशैली अपनाने की सलाह दी। इस दौरान सिविल, इलेक्ट्रिकल, कंप्यूटर, मैकेनिकल समेत सभी विभागों के विभागाध्यक्षों ने छात्रों को कॉलेज और विभाग की जानकारियों से अवगत कराया। कार्यक्रम के प्रभारी राम नारायण भगत ने धन्यवाद ज्ञापन किया और अगले 21 दिनों में होने वाली गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर जवाहर कुमार, विभागाध्यक्ष आईटी, डॉ. निशांत परवीन, परीक्षा नियंत्रक, UCET समेत सभी शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी मौजूद रहे।

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