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नकली पुलिसकर्मियों का खौफ: हजारीबाग में दिनदहाड़े तीन सोने की अंगूठियां ठगीं, 24 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली

हजारीबाग। हजारीबाग शहर में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब वे खुलेआम पुलिसकर्मी बनकर लोगों को ठग रहे हैं। शहर के व्यस्त इलाके में दो बाइक सवार शातिर ठगों ने खुद को पुलिस विभाग का कर्मचारी बताकर एक व्यक्ति से तीन सोने की अंगूठियां ठग लीं। घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस कथित नकली पुलिसकर्मियों का कोई सुराग नहीं लगा पाई है, जिससे शहर में दहशत का माहौल है।

कैसे दिया घटना को अंजाम?

पीड़ित की पहचान अनिल गोप, पिता स्व. रामसेवक यादव, निवासी नया स्टैंड से बड़ा बाजार ग्वाल टोली के रूप में हुई है। अनिल गोप ने बताया कि सोमवार शाम करीब 6:30 बजे वह नया स्टैंड से अपने घर ग्वाल टोली जा रहे थे। जैसे ही वह सीटल होटल के पीछे वाली सुनसान सड़क पर पहुंचे, पीछे से आई एक बाइक पर सवार दो युवकों ने उन्हें ओवरटेक कर रुकवा लिया। दोनों युवकों ने खाकी जैसी वर्दी पहन रखी थी और खुद को क्राइम ब्रांच/पुलिस विभाग का कर्मचारी बताया। उन्होंने अनिल को डराते हुए कहा - "अभी-अभी आगे एक महिला के गले से सोने की चेन की छिनतई हुई है, हम चेकिंग कर रहे हैं। रात में सोना पहनकर घूमना खतरनाक है।" इसी बहाने उन्होंने अनिल की तलाशी लेनी शुरू कर दी और कहा कि अपनी सोने की अंगूठियां उतारकर बाइक की डिक्की में सुरक्षित रख लो। पुलिसकर्मी समझकर अनिल घबरा गए और उन्होंने हाथ में पहनी हुई तीन सोने की अंगूठियां (वजन लगभग 2 भर, कीमत करीब 2 लाख रुपये) उतारकर उन युवकों को दे दीं। शातिरों ने बड़ी चालाकी से अंगूठियों को एक कागज में लपेटा और डिक्की में रखने का नाटक किया। इसके बाद दोनों तेजी से बाइक से फरार हो गए।

कागज खोला तो निकले पत्थर

घर पहुंचने के बाद जब अनिल ने डिक्की खोलकर वह कागज देखा तो उनके होश उड़ गए। कागज के अंदर सोने की अंगूठियों की जगह छोटे-छोटे पत्थर के टुकड़े रखे हुए थे। ठगी का एहसास होते ही उन्होंने तुरंत बड़ा बाजार थाना पहुंचकर घटना की जानकारी दी।

पुलिस जांच में जुटी, CCTV खंगाले जा रहे

इस संबंध में बड़ा बाजार थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आसपास के दुकानों और होटलों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों की पहचान के लिए टीम लगी हुई है, जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा। लेकिन सवाल यह है कि शहर के बीचों-बीच, व्यस्त सड़क पर पुलिस बनकर ठगी की घटना हो जाती है और 24 घंटे तक कोई सुराग नहीं मिलता। इससे आम लोगों की सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।

शहर में बढ़ी चिंता, पुलिस ने की अपील

इस घटना के बाद शहर में लोगों में चिंता बढ़ गई है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अगर कोई भी व्यक्ति खुद को पुलिसकर्मी बताकर तलाशी लेने या आभूषण उतारने को कहे, तो तुरंत उसका ID कार्ड मांगें और 100 या 112 पर कॉल करें। असली पुलिस कभी भी इस तरह सड़क पर आभूषण उतारने को नहीं कहती।

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