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टंडवा उड़सू के बैगनतरी नदी में पोकलेन लगाकर अवैध बालू खनन का आरोप, वाहन जब्त

चतरा/टंडवा : टंडवा थाना क्षेत्र के उड़सू स्थित बैगनतरी नदी में पोकलेन मशीन लगाकर बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन और परिवहन का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। पुलिस ने मौके से पोकलेन मशीन और एक बोलेरो वाहन को जब्त किया है।

वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आया प्रशासन

बताया जा रहा है कि कंपनी की हाइवा वाहनों से बालू ढुलाई का वीडियो वायरल होने के बाद मामला प्रकाश में आया। पहले पुलिस द्वारा पल्ला झाड़ा गया, उसके बाद प्रशासन की एंट्री हुई है। स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

कोल परियोजना में कार्यरत सुशी कंपनी पर गंभीर आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि चंद्रगुप्त कोल परियोजना में कार्यरत MDO कंपनी सुशी इंफ्रा के द्वारा भारी मशीनों से नदी से बालू का अवैध उत्खनन कराया जा रहा था। नदी से निकाली गई बालू को कोल वाहनों (हाइवा) के जरिए हजारीबाग जिले की ओर ले जाया जा रहा था। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

जब्त वाहनों को लेकर थाना क्षेत्र पर असमंजस

जब्ती के बाद सबसे बड़ा सवाल थाना क्षेत्र को लेकर उठा है। जब्त वाहनों का GPS लोकेशन चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र के उड़सू का बता रहा है। 

इसके बावजूद टंडवा थाना इसे अपना क्षेत्र से बाहर बता रहा है, वहीं केरेडारी थाना भी इसे अपना क्षेत्र से बाहर बता रहा है। केरेडारी थाना पुलिस का दावा है कि उक्त स्थान पर पूर्व में कई मामलों में टंडवा थाना द्वारा ही कार्रवाई की जा चुकी है। वहीं टंडवा थाना प्रभारी विपिन कुमार ने बताया कि जब्त वाहनों को हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना को सुपुर्द किया जाएगा। जबकि केरेडारी के पगार ओपी प्रभारी दिनेश मंडल ने कहा कि यह टंडवा क्षेत्र पड़ता है, टंडवा पुलिस को ही कार्रवाई करनी चाहिए। ग्रामीणों का आरोप है कि जब्त वाहनों को हजारीबाग के किसी सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचाने के लिए बिचौलिए सक्रिय हैं ताकि कार्रवाई कमजोर हो जाए।

टंडवा सिंघम सीओ ने दिया जांच का भरोसा

मामले को लेकर टंडवा के अंचल अधिकारी गौरव कुमार ने जांच कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि अवैध खनन में प्रयुक्त मशीनों और वाहनों की जांच के बाद नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

निष्पक्ष जांच की मांग, कानून व्यवस्था पर सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि अगर अवैध बालू तस्करी में ट्रैक्टर पकड़ाता तो तुरंत मामला दर्ज कर ड्राइवर को जेल भेज दिया जाता, लेकिन बड़ा मामला होने पर कार्रवाई में हील-हवाली हो रही है। इससे कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि अवैध उत्खनन में शामिल मशीन संचालक, वाहन मालिक, परिवहन से जुड़े लोग और संरक्षण देने वालों की भूमिका सामने आ सके और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।



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