कृष्णा कुमार कुशवाहा
चौपारण (हजारीबाग)। मां भद्रकाली मंदिर कीर्तन मंडली से जुड़े स्वामी श्रीनिवास के निधन की सूचना से चौपारण, बरही, मयुरहंड और इटखोरी क्षेत्र के भक्तों में शोक की लहर दौड़ गई। शनिवार को जब उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव बक्सर ले जाया जा रहा था, तब चतरा मोड़ के समीप बड़ी संख्या में भक्त और परिचित अंतिम दर्शन के लिए एकत्र हुए। उपस्थित श्रद्धालुओं ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और गहन शोक व्यक्त किया। अंतिम दर्शन के अवसर पर मां भद्रकाली मंदिर कीर्तन मंडली के अध्यक्ष हरिश्चंद्र सिंह सहित रामचंद्र सिंह, संजय सिंह, सतेंद्र सिंह, सियाराम सिंह, सुमन सिंह, अशोक सिंह, रामजतन सिंह, मिशन सिंह, साहिल सिंह, प्रवीण सिंह तथा चौपारण के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि लगभग पांच वर्ष पूर्व बनारस काशी के यज्ञाचार्य डॉ. चक्रपाणि महाराज के सान्निध्य में स्वामी श्रीनिवास का चौपारण के बिगहा हनुमान मंदिर में आगमन हुआ था। उन्होंने लंबे समय तक चौपारण में रहकर धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई। सियरकोनी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर के भूमिपूजन में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। बाद में वे इटखोरी स्थित मां भद्रकाली मंदिर की कीर्तन मंडली से जुड़ गए थे। बताया गया कि उनकी आयु लगभग 25 वर्ष थी। उन्होंने संन्यास ग्रहण कर ब्रह्मचर्य जीवन अपनाया था। बालाजी तिरुपति सहित देश के विभिन्न धार्मिक स्थलों से उन्होंने धार्मिक शिक्षा ग्रहण की थी और भ्रमण करते हुए धर्म प्रचार में संलग्न रहते थे।

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