कृष्णा कुमार कुशवाहा 

चौपारण (हजारीबाग): समग्र क्रांति दिवस के अवसर पर भाजपा नेता एवं बरही विधानसभा क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि मुकुंद साव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर लोकनायक जयप्रकाश नारायण के विचारों और आदर्शों को याद किया।

उन्होंने कहा कि 5 जून 1974 को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान से जयप्रकाश नारायण द्वारा किया गया ‘संपूर्ण क्रांति’ का आह्वान भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ।

मुकुंद साव ने कहा कि यह आंदोलन केवल राजनीतिक सत्ता परिवर्तन तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका उद्देश्य समाज में नैतिक, सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्तर पर व्यापक बदलाव लाना था।

उन्होंने बताया कि समग्र क्रांति के छह प्रमुख आधार स्तंभ थे. जाति-पाति एवं छुआछूत से मुक्त समाज का निर्माण, शोषणमुक्त व्यवस्था और संसाधनों का समान वितरण, सत्ता का विकेंद्रीकरण एवं जनभागीदारी, रूढ़िवादी परंपराओं का त्याग, शिक्षा प्रणाली में सुधार तथा नैतिक एवं चारित्रिक उत्थान। उन्होंने कहा कि जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चला यह जनआंदोलन भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और सामाजिक अन्याय के खिलाफ जनता की सशक्त आवाज बना। इस आंदोलन ने तत्कालीन सरकार को चुनौती दी और देश की राजनीतिक दिशा को प्रभावित किया।

बाद में वर्ष 1975 में लागू आपातकाल की पृष्ठभूमि में भी इस आंदोलन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मुकुंद साव ने कहा कि समग्र क्रांति दिवस हमें लोकनायक जयप्रकाश नारायण के आदर्शों को आत्मसात करने तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत बनाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे सामाजिक समरसता, नैतिकता और जनहित के मूल्यों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। उनका मानना है कि जयप्रकाश नारायण के सिद्धांतों पर चलकर ही भारत के सर्वांगीण विकास और सशक्त लोकतंत्र की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है।