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Dhanbad Crime: चंद रुपयों के लालच में फंसा सिम विक्रेता, 9 गिरफ्तार, साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़



Dhanbad : साइबर अपराधियों ने चंद रुपयों के लालच में भोले-भाले सिम विक्रेताओं को अपने जाल में फंसा लिया। बलियापुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने साइबर ठगी के लिए सिम उपलब्ध कराने वाले एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।

क्या था पूरा मामला

टेलीकॉम कंपनियों ने पुलिस को जानकारी दी कि 1 जनवरी 2026 से 29 मई 2026 के बीच बलियापुर थाना क्षेत्र के मोबाइल कॉर्नर PoS दुकान से कुल 166 सिम कार्ड जारी किए गए। इनमें से 57 सिम कार्ड NCRP पोर्टल पर साइबर ठगी की शिकायत में शामिल थे।

जांच में पता चला कि कालूबथान ओपी के शीतलपुर, बलियापुर के सीमावर्ती गांव और पूर्वी टुंडी के मायरा नवाटांड़_ के कई लोग इस नेटवर्क से जुड़े थे।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई

सिंदरी SDPO के नेतृत्व में टीम ने बलियापुर चौक स्थित मोबाइल कॉर्नर पर छापेमारी की। पुलिस ने दुकान संचालक काजू दे, सेल्समैन गौरव कुमार गुप्ता और एक विधि-विवादित किशोर को गिरफ्तार किया। 

आगे जांच में नेटवर्क के मुख्य सरगना कृष्ण कुमार दास और चिरंजीत कुमार दे समेत गोविंद बाजरी और मधुसूदन बाजरी को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक इस गिरोह ने करोड़ों की साइबर ठगी की है।

बरामदगी और आपराधिक इतिहास

पुलिस ने मौके से 98 पेज की एक्सरसाइज बुक, आधार कार्ड के दस्तावेज, VIVO कंपनी का PoS मोबाइल और 4 अन्य मोबाइल बरामद किए। 

जांच में सामने आया कि आरोपी चिरंजीत कुमार दे का आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ धनसार थाना में साइबर अपराध और पश्चिम बंगाल के विधाननगर पुलिस कमिश्नरेट में भी केस दर्ज है।

ग्रामीण SP की अपील

धनबाद ग्रामीण SP मोहम्मद याकूब ने कहा कि "साइबर अपराधी ग्रामीणों को चंद रुपये का लालच देकर फंसाते हैं। किसी के बहकावे में आकर अपने नाम पर सिम जारी न कराएं और न ही किसी को अपना दस्तावेज दें। अगर कोई सहयोग करता है और उसकी संलिप्तता मिलती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।" पुलिस अब पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है कि और कौन-कौन लोग इस ठगी में शामिल हैं।

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