Hot Posts

6/recent/ticker-posts

JPSC का फुल फॉर्म नहीं बता पाए झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफ़ान अंसारी, पूछने पर ये दिया जवाब.....


रांची: झारखंड में 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (JPSC) को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है. इस बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का एक वीडियो भी चर्चा का विषय बन गया है. वीडियो में पत्रकार उनसे JPSC का फुल फॉर्म पूछते नजर आ रहे हैं. मंत्री पहले सवाल को टालते दिखाई देते हैं. बाद में भी वह फुल फॉर्म नहीं बता पाते. इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.

जवाब सोशल मीडिया पर वायरल

वीडियो में पत्रकार स्वास्थ्य मंत्री से JPSC का पूरा नाम पूछते हैं. शुरुआत में मंत्री जी सवाल का सीधा जवाब नहीं देते. जब पत्रकार बार-बार यही सवाल दोहराते हैं, तो मंत्री कहते हैं कि जिन लोगों को पता है, उनसे पूछिए. इसके बाद पत्रकार उन्हें याद दिलाते हैं कि उन्होंने खुद एक दिन पहले यही सवाल उठाया था. इस पर मंत्री कहते हैं कि पहले भाजपा से पूछिए, वे बता देंगे तो हम भी बता देंगे. मंत्री का यह जवाब अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.


परीक्षा को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी

इधर, झारखंड में JPSC परीक्षा को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है. राज्य के अलग-अलग जिलों से आए प्रतियोगी छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्रों का कहना है कि यह विवाद सिर्फ 14वीं JPSC परीक्षा तक सीमित नहीं है. उनका आरोप है कि पिछले कई वर्षों से JPSC और JSSC की कई भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के आरोप लगते रहे हैं. इसलिए पूरी भर्ती प्रक्रिया में सुधार और पारदर्शिता जरूरी है.

चयन प्रक्रिया को लेकर भी कई सवाल

छात्रों का आरोप है कि 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद आयोग ने श्रेणीवार कटऑफ जारी नहीं किया. इसके अलावा चयन प्रक्रिया को लेकर भी कई सवाल उठे. सोशल मीडिया पर कुछ ओएमआर शीट वायरल होने के बाद परीक्षा में अनियमितता के आरोप और तेज हो गए. इसके बाद सरकार ने मामले की जांच शुरू कराई. जांच के दौरान परीक्षा संचालन से जुड़े कुछ लोगों पर कार्रवाई भी की गई. वहीं JPSC के तत्कालीन अध्यक्ष एल. खियांग्ते ने इस्तीफा दे दिया. आयोग ने मुख्य परीक्षा समेत कई भर्तियों को अगली सूचना तक स्थगित कर दिया.

JPSC प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने की मांग
प्रदर्शन कर रहे छात्रों की कई मांगें हैं. वे 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं. साथ ही पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की भी मांग कर रहे हैं. छात्रों का कहना है कि वर्ष 2019 से अब तक हुई सभी विवादित JPSC और JSSC परीक्षाओं की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. जिन परीक्षाओं में गड़बड़ी साबित हो, उन्हें दोबारा कराया जाए. दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनाई जाए.

सीबीआई जांच कराने की मांग
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से देख रही है. छात्रों से बातचीत के लिए चार सदस्यीय मंत्री स्तरीय समिति का गठन किया गया है. हालांकि, परीक्षा रद्द करने और सीबीआई जांच कराने की मांग पर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. फिलहाल इस मामले की जांच राज्य की सीआईडी कर रही है. दूसरी ओर, छात्रों का कहना है कि उन्हें इस जांच पर भरोसा नहीं है.

परीक्षा को लेकर कई याचिकाएं दाखिल

यह मामला अब झारखंड हाईकोर्ट भी पहुंच चुका है. 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को लेकर कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं. इनमें मॉडल आंसर, कटऑफ और चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं. आयोग ने अदालत को बताया है कि मामले की जांच जारी है और मुख्य परीक्षा फिलहाल स्थगित है. हाईकोर्ट ने आयोग से जवाब मांगा है. मामले की अगली सुनवाई 14 सितंबर 2026 को होगी.

Post a Comment

0 Comments