ननिहाल में रहकर की तैयारी, सीमित संसाधनों को बनायी अपनी ताकत, क्षेत्र की छात्राओं के लिए बनीं प्रेरणा
कृष्णा कुमार कुशवाहा
चौपारण(हजारीबाग)। प्रखंड के लिए आज गौरव का स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। पड़रिया गांव निवासी मोहन प्रसाद यादव की नतिनी खुशबू कुमारी ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त कर बाल विकास अधिकारी का पद हासिल किया है। खुशबू की इस उपलब्धि ने न केवल चौपारण का नाम रोशन किया है, बल्कि हजारों विद्यार्थियों के सपनों को एक नई उड़ान दी है।
संघर्ष से सफलता तक का सफर:
खुशबू ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा से लेकर BPSC की संपूर्ण तैयारी चौपारण स्थित अपने ननिहाल में रहकर की। सीमित संसाधन, ग्रामीण परिवेश और तमाम चुनौतियों के बावजूद उन्होंने कभी अपने लक्ष्य से दृष्टि नहीं हटाई। निरंतर परिश्रम, कड़ा अनुशासन और लक्ष्य के प्रति अटूट समर्पण ही उनकी सफलता का मूलमंत्र बना। उन्होंने सिद्ध कर दिया कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती, संकल्प की धनी होती है।
छात्र-छात्राओं के लिए बनी मिसाल
खुशबू की यह जीत चौपारण क्षेत्र के युवाओं, विशेषकर छात्राओं के लिए प्रकाश स्तंभ बन गई है। उन्होंने यह संदेश दिया है कि बेटियां यदि ठान लें तो कोई भी मुकाम दूर नहीं। गांव की मिट्टी से निकलकर प्रशासनिक सेवा तक का यह सफर हर विद्यार्थी को यह सिखाता है कि मजबूत इरादों और अथक मेहनत के आगे हर बाधा बौनी साबित होती है।
जश्न में डूबा ननिहाल, उमड़ा बधाइयों का सैलाब: सफलता की सूचना मिलते ही खुशबू के ननिहाल और पूरे इलाके में उल्लास का माहौल छा गया। परिजनों, रिश्तेदारों और क्षेत्रवासियों ने फूल-मालाओं और मिठाइयों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। सभी ने खुशबू के उज्ज्वल भविष्य और यशस्वी कार्यकाल की मंगलकामना की।
स्थानीय प्रबुद्धजनों का कहना है, "खुशबू की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह बताती है कि सरकारी स्कूलों और ग्रामीण क्षेत्रों से भी अधिकारी निकलते हैं। यह सफलता पत्रकारिता का दायित्व भी निभाती है कि हम सकारात्मक खबरों से समाज में आशा का संचार करें।"
आज खुशबू कुमारी केवल एक नाम नहीं, चौपारण की अस्मिता और विद्यार्थी समाज का गौरव बन गई हैं। उनकी कलम से अब बाल विकास की नई इबारत लिखी जाएगी। पूरे प्रखंड को अपनी इस बेटी पर गर्व है।

0 Comments