थाना प्रभारी बोले- FIR तय, निष्पक्ष जांच से दूध का दूध होगा
कृष्णा कुमार कुशवाहा
चौपारण (हजारीबाग) : जीटी रोड पर चल रहे वाहन जांच अभियान के दौरान एक मालवाहक वाहन को रोके जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। एक ओर वाहन संचालक ने पुलिस पर अवैध वसूली और सौदेबाजी का गंभीर आरोप लगाया है, वहीं पुलिस ने वाहन के कागजात और चेसिस नंबर में गंभीर विसंगतियां मिलने का दावा करते हुए विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार यादव रोड लाइंस की मालवाहक गाड़ी संख्या WB-91C-8434 कोलकाता से माल लेकर नेपाल जा रही थी। इसी दौरान चौपारण थाना क्षेत्र में वाहन को जांच के लिए रोका गया। वाहन संचालक महेश यादव का आरोप है कि जांच के दौरान पुलिस ने वाहन के दस्तावेज और चेसिस नंबर को संदिग्ध बताकर अप्रत्यक्ष रूप से मामले को "सेट" करने का संकेत दिया। उन्होंने दावा किया कि इस पूरी बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग उनके पास सुरक्षित है।महेश यादव ने बताया कि पुलिस द्वारा उन्हें वाहन को अधिकृत एजेंसी में ले जाकर चेसिस और दस्तावेजों की जांच कराने के लिए कहा गया। इस पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जब वाहन के सभी कागजात वैध हैं तो अतिरिक्त जांच की आवश्यकता क्यों पड़ी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई अनियमितता है तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन बिना ठोस आधार के वाहन को रोककर परेशान करना उचित नहीं है।उन्होंने बताया कि उक्त वाहन पूर्व में नागालैंड में पंजीकृत था, जिसे सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए उनके नाम पर स्थानांतरित किया गया है। रजिस्ट्रेशन, बैंकिंग और अन्य औपचारिकताएं संबंधित विभागों की स्वीकृति के बाद ही पूरी हुई हैं। ऐसे में दस्तावेजों पर सवाल उठना कई नए प्रश्न खड़े करता है।
वाहन संचालक ने यह भी आरोप लगाया कि वाहन को थाना परिसर में खड़ा करने के बजाय सड़क के किनारे खड़ा कर दिया गया है। साथ ही चालक का मोबाइल फोन भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया, जिससे संपर्क बाधित हो गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।महेश यादव ने यह भी सवाल उठाया कि वाहनों के तकनीकी दस्तावेजों और चेसिस नंबर की जांच के लिए परिवहन विभाग, डीटीओ, एमवीआई और आरटीओ जैसे सक्षम विभाग मौजूद हैं। ऐसे में पुलिस द्वारा की जा रही जांच की प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।पुलिस का आधिकारिक बयानइधर चौपारण थाना प्रभारी पंकज कुमार ने वाहन संचालक के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि वाहन के दस्तावेजों और चेसिस नंबर की जांच के दौरान गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं। इसी आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है तथा वाहन के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। थाना प्रभारी ने दोहराया कि कानून अपना काम करेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।फिलहाल पूरे प्रकरण को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है। जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके और किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो।
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