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सीएचसी चौपारण की लापरवाही: मौत के 13 दिन बाद भी नहीं बना मृत्यु प्रमाण पत्र



मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लगाया लापरवाही का आरोप

कृष्णा कुमार कुशवाहा

चौपारण:  प्रखंड मुख्यालय स्थित चौपारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सरकारी व्यवस्था की लापरवाही की कीमत अब एक गरीब परिवार को चुकानी पड़ रही है। दनुआ घाटी में 25 जून को हुई सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल रविशंकर राम की इलाज के दौरान सीएचसी चौपारण में मौत हो गई थी। घटना को लगभग दो सप्ताह बीत चुके हैं, लेकिन आज तक मृतक के परिजनों को मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिला है।

आवेदन के बाद भी नहीं मिली राहत मृतक के पिता दौलत राम ने बताया कि 27 जून 2026 को उन्होंने सीएचसी प्रभारी को लिखित आवेदन देकर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने का अनुरोध किया था। लेकिन आरोप है कि आवेदन देने के बाद भी प्रमाण पत्र निर्गत नहीं किया गया। 

इस वजह से परिवार को सरकारी सहायता, बीमा और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में चली जिम्मेदारी की "खेल-खेल" परिजनों का आरोप है कि दुर्घटना के बाद रविशंकर राम को एंबुलेंस से सीएचसी लाया गया था, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद चौपारण थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बरही भेज दिया।

लेकिन परिजनों का कहना है कि मौत के बाद अस्पताल में आवश्यक अभिलेखों का संधारण ठीक से नहीं हुआ। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक और अस्पताल प्रबंधन एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर जवाब देने से बच रहे हैं।

"13 दिन से अस्पताल के चक्कर लगा रहे हैं। हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है। प्रमाण पत्र आज तक नहीं मिला" - पीड़ित पिता का दर्द।

जांच और कार्रवाई की मांग  

पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा अविलंब मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की मांग की है।

वहीं, समाचार लिखे जाने तक अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है।

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