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"चौपारण में 'पत्थरबाज हाथी' का आतंक! अमझर में चारदीवारी तोड़ फसल रौंदी, ग्रामीणों में दहशत"



 कृष्णा कुमार कुशवाहा

चौपारण (हजारीबाग) बरकठ्ठा में उत्पात मचाने के बाद अब ग्रामीणों के बीच 'पत्थरबाज हाथी' के नाम से चर्चित हाथियों के जोड़े ने चौपारण प्रखंड में दस्तक दे दी है। शुक्रवार रात बसरिया पंचायत के अमझर गांव पहुंचकर हाथियों ने एक घर की चारदीवारी तोड़ दी और खेत में घुसने के बाद दूसरी ओर की दीवार तोड़ते हुए निकल गए। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।  

रात 9 बजे मचाया उत्पात  

जानकारी के अनुसार, अमझर निवासी दारिका रजक की चारदीवारी तोड़कर हाथी खेत में घुस गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे हाथियों का जोड़ा कठम्वा पेट्रोल पंप के समीप चौपारण-कोडरमा मुख्य मार्ग पार कर पड़रिया होते हुए अमझर गांव पहुंचा। सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के लोग सतर्क हो गए।  

ग्रामीणों का दावा है कि यह वही हाथियों का जोड़ा है जिसने दो दिन पहले बरकठ्ठा प्रखंड के कई इलाकों में फसलों और संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर दहशत फैलाई थी। अब यह जोड़ा चौपारण के जंगलों और गांवों की ओर बढ़ रहा है, जिससे वन क्षेत्र से सटे गांवों के लोग भयभीत हैं।  

क्यों पड़ा 'पत्थरबाज हाथी' नाम?  

ग्रामीणों के अनुसार, इस हाथी की सबसे खतरनाक आदत यह है कि जब लोग शोर मचाकर, मशाल या पटाखों के सहारे उसे खदेड़ने का प्रयास करते हैं तो वह भागने के बजाय पलटकर आक्रामक हो जाता है। लोगों का दावा है कि हाथी अपनी सूंड से पत्थर उठाकर ग्रामीणों की ओर फेंकता है। इसी कारण इलाके में यह हाथी 'पत्थरबाज हाथी' के नाम से चर्चित हो गया है।  

खुले में सो रहे लोगों पर खतरा  

हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। खुले में सो रहे लोगों और मवेशियों पर खतरा। इन दिनों भीषण गर्मी के कारण अधिकांश ग्रामीण अपने घरों के बाहर तथा मवेशियों के साथ खुले स्थानों पर रात बिताते हैं। ऐसे में हाथियों की गांवों में लगातार आवाजाही से किसी भी समय गंभीर हादसे की आशंका बनी हुई है। हालांकि, अमझर की घटना में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।  

वन विभाग से कार्रवाई की मांग  

ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने, प्रभावित गांवों में गश्ती बढ़ाने, समय पर चेतावनी जारी करने तथा हाथियों को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर वापस भेजने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।  

प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि हाथियों के निकट न जाएं, उन्हें उकसाने या खदेड़ने का प्रयास न करें तथा उनकी सूचना तुरंत वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को दें।

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