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विश्व आदिवासी दिवस पर दिशोम गुरु शिबू सोरेन को दी भावभीनी श्रद्धांजलि...

हजारीबाग : विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर बरही में झारखंड आंदोलनकारियों ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान आंदोलनकारियों ने झारखंड आंदोलन के संघर्षपूर्ण इतिहास को याद करते हुए दिशोम गुरु के योगदान को नमन किया तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कामरेड नंदकिशोर सिंह ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा, आदिवासियों के अधिकार और अलग झारखंड राज्य के निर्माण के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उनका संघर्ष केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे झारखंड की अस्मिता, स्वाभिमान और पहचान का संघर्ष था। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को दिशोम गुरु के जीवन, संघर्ष और विचारों से प्रेरणा लेकर समाज और राज्य के विकास में अपनी सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।उन्होंने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति, भाषा, परंपरा, रीति-रिवाज और सामाजिक विरासत को सुरक्षित रखने का संकल्प लेने का अवसर है। 

झारखंड आंदोलन की मूल भावना को जीवित रखना और राज्य के विकास में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करना ही दिशोम गुरु के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।इस अवसर पर उपस्थित आंदोलनकारियों ने दिशोम गुरु के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके संघर्ष, त्याग और जनसेवा को याद किया। सभी ने एक स्वर में कहा कि झारखंड राज्य लाखों आंदोलनकारियों के लंबे संघर्ष और बलिदान का परिणाम है, इसलिए इसकी गौरवशाली विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सबकी जिम्मेदारी है।कार्यक्रम में झारखंड आंदोलनकारी कामरेड नंदकिशोर सिंह, बद्री सिंह, राजाराम मांझी, रामकृष्ण मांझी, विजय सिंह, राजकुमार सिंह, रामफल सिंह, शनिचर भुइयां सहित बड़ी संख्या में झारखंड आंदोलनकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके आदर्शों पर चलने तथा झारखंड की संस्कृति, सामाजिक एकता और जनहित के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।

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