Hot Posts

6/recent/ticker-posts

अंधेरे को चीरकर सूरज से रौशन होगा दैहर: 'हर घर सौर ऊर्जा' में चौपारण का इकलौता चयन



बिजली बिल होगा जीरो, हर छत बनेगी पावर हाउस, 300 घरों से होगी क्रांति की शुरुआत  

 कृष्णा कुमार कुशवाहा 

दैहर (चौपारण हजारीबाग): लालटेन युग को अलविदा कहने को तैयार दैहर पंचायत अब सूरज की रोशनी से अपनी तकदीर लिखेगा। 'हर घर सौर ऊर्जा योजना' में चौपारण प्रखंड से एकमात्र चयनित गांव बनते ही दैहर का नाम विकास के नक्शे पर चमक उठा है। यह चयन सिर्फ बिजली नहीं लाएगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दशा और दिशा दोनों बदलेगा।योजना के तहत एक घर की छत पर लगने वाला 3 किलोवाट का सोलर पैनल औसतन 300 यूनिट बिजली हर महीने पैदा करेगा। दैहर के 300 घरों से शुरुआत हुई तो पंचायत हर महीने 90,000 यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन करेगी। यह आंकड़ा पूरे प्रखंड के कई गांवों की कुल खपत के बराबर है।सोलर पैनल से बनी अतिरिक्त बिजली सीधे पावर ग्रिड में जाएगी।समाजसेवी सह मुखिया प्रतिनिधि नागेंद्र कुशवाहा ने बताया कि प्रखंड विकास पदाधिकारी नितेश भास्कर के नेतृत्व में भेजे गए प्रस्ताव को राज्य स्तर पर सराहा गया। उपायुक्त, जिला परिषद अध्यक्ष उमेश मेहता और सदस्य बसंत मेहता के विशेष प्रयासों से दैहर को यह सौगात मिली। सुदूरवर्ती क्षेत्र होने और बिजली संकट की गंभीरता को देखते हुए दैहर को प्राथमिकता दी गई।एक घर पर लगा सोलर सिस्टम अपने 25 साल के जीवनकाल में लगभग 50 टन कार्बन उत्सर्जन रोकेगा। यह 100 बड़े पेड़ लगाने के बराबर है। पूरे पंचायत के स्तर पर यह आंकड़ा 30,000 पेड़ के बराबर पर्यावरण सुरक्षा देगा।

मुखिया ब्रह्मदेव भुइयां के कार्यकाल में दैहर पहले ही नल-जल योजना और पक्की सड़कों से लैस हो चुका है। अब सौर ऊर्जा से लैस होकर यह झारखंड का पहला 'कार्बन न्यूट्रल पंचायत' बनने की राह पर है। योजना से सिंचाई के लिए सोलर पंप, आटा चक्की और छोटे कोल्ड स्टोरेज भी चल सकेंगे।सोलर पैनल की स्थापना और रखरखाव के लिए 20 स्थानीय युवाओं को 'सूर्य मित्र' के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। इन्हें प्रति माह 8,000 रुपए मानदेय मिलेगा। यानी योजना गांव में रोजगार भी लेकर आएगी।दैहर के किसान रामविलास महतो कहते हैं, "अब रात में भी खेत पटवा सकेंगे। सब्जी खराब होने का डर खत्म।" छात्र रौनक कुमार बोला, "मोबाइल-लैपटॉप चार्ज की टेंशन खत्म, अब ऑनलाइन पढ़ाई रुकेबगी नहीं।"प्रखंड विकास पदाधिकारी नितेश भास्कर ने पुष्टि की कि अगले 15 दिन में तकनीकी सर्वे शुरू होगा। 6 माह के भीतर पहले चरण में 300 घरों की छतें सोलर पैनल से जगमगाने लगेंगी। दैहर के ग्रामीणों ने चयन समिति और सभी जनप्रतिनिधियों का आभार जताते हुए कहा कि सूरज की यह रोशनी सिर्फ घर नहीं, हमारी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी रोशन करेगी।

Post a Comment

0 Comments