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एनजीटी के प्रतिबंध के बावजूद चौपारण में अवैध बालू खनन जारी, रात के अंधेरे में नदियों से हो रही बालू की लूट


ढाढर, बराकर और भलुआ नदी घाटों पर जेसीबी से अवैध उत्खनन, बाइक सवार युवक कर रहे निगरानी, ग्रामीणों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की  

कृष्णा कुमार कुशवाहा 

चौपारण (हजारीबाग) : एनजीटी के प्रतिबंध के बावजूद चौपारण प्रखंड में अवैध बालू खनन और तस्करी का खेल बदस्तूर जारी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रात के अंधेरे और अलसुबह बालू माफिया विभिन्न नदी घाटों से बड़े पैमाने पर अवैध खनन कर ट्रैक्टरों के माध्यम से अलग-अलग पंचायतों तक बालू पहुंचा रहे हैं। जानकारी के अनुसार भगहर स्थित ढाढर नदी, बराकर नदी, इटखोरी थाना क्षेत्र के सीमावर्ती घाटों तथा बिहार के भलुआ नदी क्षेत्र से अवैध रूप से बालू का उठाव किया जा रहा है। इसके बाद ट्रैक्टरों के जरिए चौपारण के विभिन्न इलाकों में इसकी आपूर्ति की जा रही है और ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। प्रशासन को चकमा देने की रणनीति ग्रामीणों का कहना है कि तस्कर प्रशासन की नजरों से बचने के लिए विशेष रणनीति अपनाते हैं। बालू लदे ट्रैक्टरों के आगे-आगे बाइक सवार युवक निगरानी करते हुए चलते हैं और रास्ते में किसी प्रकार की जांच या प्रशासनिक गतिविधि की सूचना तुरंत ट्रैक्टर चालकों तक पहुंचाते हैं। 

यही कारण है कि रातभर जीटी रोड और ग्रामीण सड़कों पर अवैध बालू लदे ट्रैक्टरों की आवाजाही जारी रहती है।  ग्रामीण परेशान, कार्रवाई न होने से नाराजगी स्थानीय लोगों ने बताया कि देर रात और सुबह-सुबह ट्रैक्टरों की आवाज से गांवों की गलियां और सड़कें गूंजती रहती हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बावजूद इसके अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लगातार शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से लोगों के बीच प्रशासन की कार्यशैली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो अवैध खनन से नदियों के अस्तित्व के साथ-साथ पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।  क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से अवैध बालू खनन एवं परिवहन पर तत्काल रोक लगाने, नियमित छापेमारी अभियान चलाने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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