स्कूल-कॉलेज से मंदिर-टोला तक पहुंचेंगे कार्यकर्ता, 'राष्ट्रमाता' की मांग पर राष्ट्रपति-पीएम तक जाएगा मांग-पत्र
कृष्णा कुमार कुशवाहा
चौपारण/हजारीबाग: यह केवल मांग नहीं, करोड़ों लोगों की आस्था का सवाल है' - इसी संकल्प के साथ चौपारण प्रखंड में 'गऊ सम्मान' अभियान ने अब गांव-गांव दस्तक देना शुरू कर दिया है। 20 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस महाअभियान में प्रखंड की सभी 26 पंचायतों को कवर किया जाएगा। अभियान के प्रखंड संयोजक शेखर ने बताया कि पहले चरण में अप्रैल माह में प्रखंड मुख्यालय पर जबरदस्त समर्थन मिला था। हजारों लोगों के हस्ताक्षर वाला मांग-पत्र राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को बीडीओ के माध्यम से भेजा गया था। अब दूसरे चरण को 'जन-जन तक पहुंचाने' की रणनीति बनी है। घर-घर दस्तक: पंचायत प्रतिनिधि, युवा और स्वयंसेवकों की टीम टोला-टोला जाकर लोगों से संवाद करेगी और हस्ताक्षर कराएगी। शिक्षा से आस्था तक: विद्यालय, महाविद्यालय, कोचिंग संस्थान, ग्राम समिति, मंदिर प्रबंधन समिति और सामाजिक-धार्मिक संगठनों को अभियान से जोड़ा जाएगा।
जिम्मेदारी तय:
हर पंचायत में स्थानीय कार्यकर्ताओं को हस्ताक्षर प्रपत्र और प्रचार सामग्री देकर जवाबदेही सौंपी गई है। 'जितनी भागीदारी, उतनी मजबूत आवाज' शेखर ने कहा, "यह अभियान किसी दल या संगठन का नहीं, समाज का है। गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए जनसमर्थन ही सबसे बड़ा हथियार है। जब लाखों हस्ताक्षर दिल्ली पहुंचेंगे, तो संवैधानिक संस्थाएं भी इस मांग को नजरअंदाज नहीं कर पाएंगी।" आयोजन समिति का लक्ष्य है कि 20 जुलाई तक हजारों लोगों तक पहुंचकर चौपारण से ही सबसे बड़ा मांग-पत्र तैयार किया जाए। शेखर ने सभी पंचायत प्रतिनिधियों, महिलाओं, युवाओं और आम नागरिकों से इस 'धर्म और संस्कृति के अभियान' में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है।

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