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करोड़ों का स्टेडियम खंडहर: खिलाड़ियों ने खुद संभाली जिम्मेदारी, अवैध रास्ता बंद कराया

चौपारण में जर्जर चारदीवारी और टूटे भवन पर उठे सवाल, गुणवत्ता जांच की मांग

कृष्णा कुमार कुशवाहा

चौपारण: प्रखंड मुख्यालय में करोड़ों रुपये की लागत से बना खेल स्टेडियम आज बदहाली का शिकार है। जर्जर चारदीवारी, क्षतिग्रस्त भवन, खराब शौचालय और उपेक्षित परिसर स्थानीय खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए चिंता का कारण बन गया है।

सोमवार को मजबूर खिलाड़ियों ने खुद पहल करते हुए जेसीबी की मदद से टूटी चारदीवारी के पास बने अवैध रास्ते को बंद कराया। उद्देश्य था मैदान की सुरक्षा सुनिश्चित करना और अभ्यास में आ रही बाधाओं को दूर करना। लेकिन इसी के साथ एक बड़ा सवाल भी खड़ा हो गया - जब निर्माण हो रहा था, तब गुणवत्ता पर निगरानी क्यों नहीं हुई?

स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण के दौरान ही कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे थे। निर्धारित मानकों की अनदेखी कर जल्दबाजी में काम पूरा कर दिया गया। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

निर्माण के कुछ ही वर्षों में स्टेडियम की चारदीवारी, भवन, शौचालय और अन्य संरचनाएं जर्जर हो गईं। वर्षों से गिरी चारदीवारी के कारण मैदान के बीच से लोगों की आवाजाही शुरू हो गई थी, जिससे खिलाड़ियों का नियमित अभ्यास प्रभावित हो रहा था।

इसी समस्या को देखते हुए सीएससीए अध्यक्ष तस्लीम राजा, बीएसएफ जवान राहुल कुमार, प्रेम पासवान, राजा कुमार, बबन कुमार, अजय यादव समेत अन्य खिलाड़ियों और सदस्यों ने एकजुट होकर अवैध रास्ता बंद कराया।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि निर्माण के दौरान प्रभावी निगरानी होती और गड़बड़ी पर समय रहते कार्रवाई होती, तो करोड़ों रुपये का यह खेल परिसर इतनी जल्दी बदहाल नहीं होता। उनका मानना है कि सरकारी योजनाओं में केवल निर्माण के बाद सवाल उठाने के बजाय, निर्माण के हर चरण में सामाजिक निगरानी और जनभागीदारी जरूरी है।

खिलाड़ियों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से स्टेडियम की क्षतिग्रस्त चारदीवारी, भवन और अन्य सुविधाओं की तत्काल मरम्मत कराने, निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने और नियमित रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि तभी क्षेत्र के खिलाड़ियों को सुरक्षित और बेहतर खेल सुविधाएं मिल सकेंगी।

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