फाइलेरिया रोग की पहचान हेतु रात्रि में लोगों को रक्त संग्रह हुआ
इटखोरी : इटखोरी प्रखंड के कोनी पंचायत में फाइलेरिया रोग की पहचान हेतु रात्रि में लोगों को रक्त संग्रह हुआ । कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि के तौर पर पंचायत के मुखिया सह मुखिया संघ अध्यक्ष रंजय भारती ने विधिवत रूप से फीता काटकर किया । इस मौके पर मुखिया रंजय ने खुद फाइलेरिया की जांच करवाया साथ ही कहा कि प्री-TAS और नाइट ब्लड सर्वे की सफलता से क्षेत्र को फाइलेरिया मुक्त घोषित करने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकेगा। इससे भविष्य में नए मामलों पर रोक लगेगी, पीढ़ियों को इस रोग की पीड़ा से मुक्ति मिलेगी और परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक व सामाजिक बोझ कम होगा।
आमजन की जागरूकता इसलिए आवश्यक है, ताकि लोग सर्वे टीमों का सहयोग करें, भय या भ्रम से दूर रहें और इस अभियान को अपना मानकर सहभागी बनें। बताया की बैठक में बताया गया कि प्री-TAS एक वैज्ञानिक आकलन प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से यह जांच की जाती है कि किसी क्षेत्र में फाइलेरिया संक्रमण का स्तर उन्मूलन मानकों के अनुरूप कम हो चुका है या नहीं। इसी प्रक्रिया का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा नाइट ब्लड सर्वे है, जिसमें रात्रि के समय चयनित व्यक्तियों के रक्त नमूनों की जांच की जाती है, क्योंकि फाइलेरिया के परजीवी रात के समय ही रक्त में सक्रिय अवस्था में पाए जाते हैं। यह सर्वे संक्रमण की वास्तविक स्थिति का सबसे विश्वसनीय संकेतक माना जाता है।
इस अभियान को लेकर चिकित्सा प्रभारी डॉ सुमित जयसवाल ने कहा कि प्री-TAS विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा फाइलेरिया (हाथीपांव) उन्मूलन कार्यक्रमों के तहत किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण मूल्यांकन है । इस मौके पर मॉनिटरिंग जांच टीम में राज्य स्तरीय टीम में अंशु कुमार अर्क राज ,अमित कुमार पिरामल, अमित मिश्रा जिला से रंजीत मिश्रा इटखोरी सीएचसी से मलेरिया सुपरवाइजर समंत पांडेय, अभिनंदन कुमार , अंशु रंजन कुमार, अभिमन्यु कुमार , संजय कुमार स्वास्थ्य सहिया संगीता देवी कविता देवी ऋषिवाला देवी समेत अन्य का नाम शामिल है ।

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