उमाशंकर अकेला का आरोप - चेकपोस्ट से गुजरने के बाद बरही पुलिस ने पकड़े वाहन, पिकेट प्रभारी पर लगाए गंभीर आरोप
कृष्णा कुमार कुशवाहा
चौपारण (हजारीबाग) : 21 मवेशी लदे ट्रकों की बरामदगी के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शनिवार को बरही पुलिस की कार्रवाई में पकड़े गए इन वाहनों को लेकर झारखंड-बिहार सीमा पर स्थित चोरदाहा पिकेट की कार्यशैली पर सवाल खड़े होने लगे हैं।बरही विधानसभा के पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला ने चोरदाहा पिकेट प्रभारी नीतीश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि मवेशियों से लदे सभी 21 वाहन चोरदाहा चेकपोस्ट से होकर गुजरे थे, बावजूद इसके उन्हें वहां रोका नहीं गया और आगे जाने दिया गया। बाद में बरही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी वाहनों को जब्त किया।उन्होंने कहा कि यदि चेकपोस्ट पर वाहनों की विधिवत जांच की गई होती, तो इतनी बड़ी संख्या में मवेशी लदे वाहन वहां से पार नहीं हो पाते।
उमाशंकर अकेला ने पिकेट प्रभारी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पैसे लेकर मवेशी लदे वाहनों को चोरदाहा से पार कराया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि चोरदाहा पिकेट क्षेत्र में प्रतिदिन गुजरने वाले वाहनों से अवैध वसूली की शिकायतें लगातार मिलती रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।पूर्व विधायक ने कहा कि सीमा क्षेत्र में चेकपोस्ट होने के बावजूद यदि इतनी बड़ी संख्या में मवेशी लदे वाहन बिना कार्रवाई के आगे निकल रहे हैं, तो यह सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।इधर, 21 वाहनों की बरामदगी के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि चोरदाहा चेकपोस्ट से वाहनों के गुजरने और बरही में पकड़े जाने के बीच की पूरी कड़ी की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं। पूर्व विधायक के आरोपों के बाद इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है।

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