चौपारण : ताजपुर पंचायत में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के तहत फॉर्म-7 बांटे जाने को लेकर विवाद गहरा गया है। भाजपा बीएलए-2 द्वारा फॉर्म-7 बांटे जाने की सूचना के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इसका विरोध जताया। शुक्रवार को ताजपुर पंचायत के पूर्व मुखिया शौकत खान के आवास पर मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोग जुटे और पूरे मामले क़ो लेकर चर्चा की। पूर्व मुखिया शौकत खान ने आरोप लगाया कि जितने भी फॉर्म बांटे गए हैं, वे सभी सिर्फ मुस्लिमों के नाम हैं, जबकि उन सभी का नाम 2003 के वोटर लिस्ट में दर्ज है। इससे साफ जाहिर होता है कि मुस्लिम समुदाय के लोगों का नाम मतदाता सूची से हटवाने के उद्देश्य से फॉर्म-7 दिए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार है और किसी का नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से हटाने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा। वहीं पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला यादव ने कहा कि लोगों का मतदान का अधिकार छीना जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा मतदाता सूची से किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम गलत तरीके से न हटाने की मांग की। बताया गया कि फॉर्म बांटने के दौरान रितेश वर्णवाल, रवि विश्वकर्मा और पंकज वर्णवाल शामिल थे। घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। हालांकि, लगाए गए आरोपों को लेकर भाजपा पक्ष की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। चौपारण के प्रखंड विकास पदाधिकारी ने कहा की किसी के कहने से ना किसी का नाम हटाया जायेगा ना नाम जोड़े जायेगा, गलत सुचना देने पर कारवाही की जा सकती है उन्होंने कहा की फॉर्म-7 में कोई भी आम आदमी किसी व्यक्ति को लेकर आपत्ति दर्ज करवा सकता है, जिसकी जांच बीएलओ एवं संबंधित पदाधिकारी को करनी होती है।
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