विश्व नारियल दिवस पर सांसद प्रतिनिधि मुकुंद साव ने जारी की प्रेस विज्ञप्ति, बोले- नारियल को कहा जाता है 'ट्री ऑफ लाइफ', पर खेती न के बराबर; सरकार बनाए ठोस योजना
कृष्णा कुमार कुशवाहा
चौपारण, हजारीबाग। हर साल 2 सितंबर को संपूर्ण विश्व में विश्व नारियल दिवस मनाया जाता है। 2 सितंबर 2009 को एशिया प्रशांत नारियल समुदाय (APCC) का गठन हुआ था, उसी समय से प्रतिवर्ष यह दिवस मनाया जा रहा है।
उक्त बातें समाजसेवी, साहित्यकार एवं बरही विधानसभा के लोकप्रिय सांसद प्रतिनिधि मुकुंद साव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही।
क्या है नारियल दिवस का उद्देश्य:
मुकुंद साव ने बताया कि नारियल दिवस का उद्देश्य अधिक से अधिक आर्थिक विकास को प्राप्त करना, नारियल से जुड़े विकास कार्यों को बढ़ावा देना और नारियल के प्रति जागरूकता तथा महत्व का प्रचार-प्रसार करना है। वर्तमान में APCC में 18 देशों के सदस्य एक अंतर-सरकारी संगठन के रूप में काम कर रहे हैं, जिसमें भारत भी सदस्य है। इसका मुख्यालय इंडोनेशिया के जकार्ता में है।
नारियल में छिपा है पोषण का भंडार:
उन्होंने बताया कि नारियल में कई प्रमुख पोषक तत्व होते हैं - मैंगनीज 52.17%, कॉपर 38.67%, आयरन 24.20%, फाइबर 18.80%, जिंक 8%, वेलिन 7.60% और कार्बोहाइड्रेट 9.37% मौजूद होता है।
नारियल पानी के चमत्कारी फायदे:
चेहरे का ग्लो बढ़ाता है - सप्ताह में 5 दिन नारियल पानी पीने से चेहरा ऑटोमेटिक ग्लो करने लगता है। शरीर में पानी की कमी को तेजी से पूरा करता है और ग्लूकोज स्तर को सामान्य रखता है। पाचन क्रिया को दुरुस्त रखता है। हाई बीपी के मरीजों के लिए वरदान है, इसमें मौजूद विटामिन-सी, मैग्नीशियम और पोटैशियम बीपी कंट्रोल में मदद करता है। वजन कम करने में सहायक है - भोजन से पहले सेवन करना चाहिए। असमय बुढ़ापा रोकता है - इसमें मौजूद साइटोकिनिन कोशिकाएं जवां रखती हैं और झुर्रियां व फाइन लाइंस को ठीक करती हैं।
सरकार की उदासीनता पर सवाल:
मुकुंद साव ने कहा कि नारियल के पेड़ को 'ट्री ऑफ लाइफ' कहा जाता है, क्योंकि इसका पानी, गड़ी , तेल, छिलका और पत्तियां सभी किसी न किसी रूप में उपयोगी हैं। परंतु सरकार की उदासीनता के कारण नारियल की खेती न के बराबर है। सरकार को चाहिए कि बड़े पैमाने पर नारियल की खेती कराने के लिए ठोस योजना बनाए।

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