कृष्णा कुमार कुशवाहा
चौपारण (हजारीबाग) : अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस प्रत्येक वर्ष 21 सितंबर को विश्व भर में मनाया जाता है। 1981 में संयुक्त राष्ट्र के सर्वसम्मत प्रस्ताव द्वारा स्थापित, शांति दिवस एक ऐसा वैश्विक साझा अवसर है जिसके माध्यम से समस्त मानवता मतभेदों से ऊपर उठकर शांति के प्रति प्रतिबद्ध होती है और शांति की संस्कृति के निर्माण में योगदान देती है। उक्त बातें आज अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय शासकीय संस्थान सोसाइटी के झारखंड प्रदेश संयोजक सह बरही विधानसभा क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि मुकुंद साव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही।उन्होंने बताया कि 1984 में सैन फ्रांसिस्को में पहले प्रमुख स्थानीय वैश्विक संयुक्त राष्ट्र शांति दिवस समारोह का आयोजन किया गया था। विभिन्न मार्गों के माध्यम से शांति की संस्कृति का निर्माण एक साथ करना वैश्विक आंदोलन के केंद्र में है — एक ऐसा विश्व जहाँ भय और संघर्ष के माहौल के बीच जन सहयोग, करुणा और समस्त जीवन के प्रति सम्मान का भाव व्याप्त हो, यही शांति दिवस का उद्देश्य है।
मुकुंद साव ने बताया कि शांति निर्माण में नवाचार के उत्प्रेरक के रूप में पीटीपी (PTP) को संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस की स्थापना का श्रेय दिया जाता है। शांति की संस्कृति पर ऐतिहासिक संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव ने इस परिवर्तनकारी दृष्टिकोण को वैश्विक मंच पर लाने में मदद की। तब से, पीटीपी इस दृष्टिकोण को क्रियान्वित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है, समुदायों और संगठनों को शांति की दिशा में व्यावहारिक मार्ग बनाने के लिए जोड़ रहा है। जमीनी स्तर की पहलों से लेकर अंतर्राष्ट्रीय साझेदारियों तक, पीटीपी व्यक्तियों और संस्थानों को समान रूप से शांति के मूल्यों को प्रतिदिन जीने के लिए सशक्त बना रही है। अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय शासकीय संस्थान सोसाइटी ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि संपूर्ण विश्व में अमन-चैन रहे, सभी शांति से जीवन व्यतीत करें और सारे मतभेदों को भुलाकर आपसी भाईचारे के साथ रहें। इस अवसर पर संस्थान ने संपूर्ण विश्व के लोगों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए शुभकामनाएं दी।

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