कृष्णा कुमार कुशवाहा
चौपारण (हजारीबाग) : जो कभी गरीबों की आवाज हुआ करता था, जो झारखंड की माटी से उपजा एक सच्चा जनसेवक था, वह आज तस्वीर में कैद हो गया है। झारखंड सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय सुदिव्य कुमार सोनू के असामयिक निधन से न केवल झारखंड मुक्ति मोर्चा, बल्कि पूरे राज्य की राजनीति ने एक चमकता सितारा खो दिया है। सोमवार को प्रखंड मुख्यालय स्थित डाक बंगला परिसर में शोक की इसी घड़ी में एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। जैसा कि तस्वीरों में देखा जा सकता है, झामुमो के पूर्व जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र राणा ने स्वर्गीय सोनू के तैलचित्र पर, जिसे गेंदे की मालाओं से सजाया गया था, पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। उनकी आंखों में छलकता दर्द और झुका हुआ सिर बता रहा था कि पार्टी ने कितना बड़ा सहारा खो दिया है।
दूसरी तस्वीर में सभी कार्यकर्ता पंक्तिबद्ध होकर, मौन खड़े होकर अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई दे रहे हैं। पूरा माहौल गमगीन था, हवाओं में भी एक सन्नाटा था। सभा को संबोधित करते हुए वीरेंद्र राणा ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का जाना अपूरणीय क्षति है। वे राजनीति में शुचिता, संघर्ष और जनसेवा के प्रतीक थे। उन्होंने हमेशा हाशिये पर खड़े व्यक्ति के हक के लिए लड़ाई लड़ी। अंत में सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को संबल प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की। इस अवसर पर झामुमो के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं स्थानीय गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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