रांची/चौपारण सत्ता से दूर होने के बाद भी जनता की आवाज बनकर खड़े रहने वाले बरही विधानसभा के पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला ने एक बार फिर साबित कर दिया कि 'नेता वही जो जनता के दर्द को अपना दर्द समझे'। पूर्व पंचायत समिति सदस्य डब्लू अंसारी के साथ अकेला ने रांची स्थित आवास पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से मुलाकात की।
'बुनियादी सुविधाएं भगवान भरोसे'
बैठक में उमाशंकर अकेला ने दो-टूक कहा, "ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाएं मजबूत करना सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। कागजों में योजना बनने से पेट नहीं भरता, सड़क नहीं बनती।" सड़क की जर्जर हालत, पेयजल संकट, स्वास्थ्य केंद्र में दवा-डॉक्टर का अभाव और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली पर विस्तृत चर्चा हुई।
'लंबित योजनाएं तुरंत पूरी हों'
प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट मांग रखी कि पंचायत में लंबित विकास योजनाओं को शीघ्र पूरा कराया जाए ताकि आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उमाशंकर अकेला ने कहा, "मैं विधायक नहीं हूं, लेकिन जनता का सेवक हूं। क्षेत्र का विकास रुकेगा तो चुप नहीं बैठूंगा।"
स्वास्थ्य मंत्री ने दिया भरोसा
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने पूरे मामले को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा, "सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। जनहित से जुड़े प्रत्येक मामले का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाएगा। संबंधित विभागों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे।"
सत्ता पक्ष में न होने के बावजूद उमाशंकर अकेला का लगातार जनसमस्याओं को लेकर सक्रिय रहना क्षेत्र में चर्चा का विषय है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि 'विपक्ष की भूमिका' निभाते हुए अकेला ने सरकार को पंचायत की आवाज मंत्री तक पहुंचने का काम किया।

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