आक्रोशित ग्रामीण बोले - हर हादसे के बाद समझौते से दब जाता है मामला, लापरवाही की हद पार
कृष्णा कुमार कुशवाहा
चौपारण (हजारीबाग)। सिंघरावां में सड़क निर्माण कंपनी के प्लांट क्षेत्र में शुक्रवार को 7 वर्षीय मासूम की मौत के बाद शनिवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में आक्रोशित ग्रामीण पांडेयपारा स्थित कंपनी के मुख्य गेट पर नीली पॉलिथीन बिछाकर धरने पर बैठ गए, जैसा कि तस्वीरों में दिख रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी की घोर लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है। प्लांट से दिन-रात बेलगाम भारी वाहनों की आवाजाही होती है, लेकिन सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है।
ग्रामीणों ने लगाया गंभीर आरोप:
धरना पर बैठे लोगों ने कहा कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कंपनी के वाहनों से कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, कई लोग जान गंवा चुके हैं। हर बार कंपनी प्रबंधन कुछ पैसे देकर और समझौता कराकर मामले को दबा देता है, लेकिन स्थायी सुरक्षा व्यवस्था कभी नहीं की जाती। एक ग्रामीण ने कहा, "चंद रुपयों से एक मासूम की जान की कीमत नहीं लगाई जा सकती। अगर हर बार समझौता ही करना है तो सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?"
- भारी वाहनों की रफ्तार और आवाजाही पर तुरंत रोक लगे।
- प्लांट के आसपास बैरिकेडिंग और सुरक्षा गार्ड तैनात हों।
- मृतक परिवार को उचित मुआवजा और दोषी कंपनी पर कार्रवाई हो।
घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है। समाचार लिखे जाने तक धरना जारी था और कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई अधिकारी वार्ता के लिए नहीं पहुंचा था।

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