• NGT के आदेशों की अनदेखी? इटखोरी में भद्रकाली नदी से जारी बालू का कथित अवैध उठाव
• नदी की छाती पर चल रहा बालू का खेल! इटखोरी थाना क्षेत्र में खुलेआम खनन
• प्रशासन की नजरों से दूर या संरक्षण में? भद्रकाली नदी से धड़ल्ले से निकल रहा बालू
कृष्णा कुमार कुशवाहा | चौपारण (हजारीबाग)
चौपारण : अवैध खनन और बालू के अवैध परिवहन पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के सख्त निर्देशों और प्रशासनिक कार्रवाई के दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर चौपारण प्रखंड मुख्यालय के समीप एक गंभीर सवाल खड़ा हो गया है। पपरो प्रोजेक्ट गर्ल्स स्कूल के मुख्य द्वार के ठीक सामने बड़े पैमाने पर बालू का भंडारण होने की बात सामने आई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां बालू का कारोबार खुलेआम जारी है और नियम-कानूनों की अनदेखी की जा रही है. रात में पहुंच रहा बालू, दिन में कीचड़ और परेशानी स्थानीय लोगों के अनुसार, यह केवल पुराना स्टॉक नहीं है। आरोप है कि लगातार ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों के माध्यम से नया बालू यहां लाकर डंप किया जा रहा है। ऐसे में कई सवाल उठ रहे हैं—
- आखिर यह बालू कहां से लाया जा रहा है?
- क्या बालू परिवहन के लिए वैध चालान और आवश्यक अनुमति मौजूद है?
- इस बड़े पैमाने के भंडारण की प्रशासनिक स्वीकृति है या नहीं?
- यदि सब कुछ वैध है तो संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन कब होगा?
इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
बेटियों की राह में बालू का पहाड़, स्कूल पहुंचना हुआ मुश्किल इस पूरे मामले का सबसे गंभीर पहलू पपरो गर्ल्स स्कूल की छात्राओं की सुरक्षा और आवागमन से जुड़ा है। स्कूल के मुख्य मार्ग के समीप बालू डंप होने से रास्ते पर धूल और कीचड़ की समस्या उत्पन्न हो रही है।
बारिश के दौरान स्थिति और खराब होने का आरोप है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रास्ता फिसलन भरा और कीचड़युक्त हो जाता है, जिससे छात्राओं को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है।
एक बालिका विद्यालय के ठीक सामने इस तरह बड़े पैमाने पर भंडारण होना सुरक्षा, स्वच्छता और सुगम आवागमन—तीनों दृष्टियों से चिंता का विषय बन गया है।
प्रखंड मुख्यालय के पास, फिर भी प्रशासन की नजर क्यों नहीं?
सबसे बड़ा सवाल प्रशासनिक निगरानी को लेकर उठ रहा है। जिस स्थान पर यह भंडारण होने का आरोप है, वह प्रखंड मुख्यालय और अधिकारियों-कर्मचारियों की नियमित आवाजाही वाले क्षेत्र के करीब बताया जा रहा है।
ऐसे में स्थानीय लोगों का सवाल है कि—
क्या संबंधित विभाग इस बालू के स्रोत, परिवहन दस्तावेजों और भंडारण की वैधता की जांच करेगा?
यदि प्रशासन द्वारा भौतिक सत्यापन कराया जाए, वाहनों के चालान और परिवहन दस्तावेजों की जांच की जाए तथा बालू के वास्तविक स्रोत तक पहुंचा जाए, तो मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
अब कार्रवाई का इंतजार
NGT के निर्देशों और अवैध खनन पर कार्रवाई के दावों के बीच पपरो गर्ल्स स्कूल के सामने जमा बालू का यह विशाल ढेर कई सवाल खड़े कर रहा है।
अब निगाहें प्रशासन पर हैं कि वह इस मामले का संज्ञान लेकर भंडारण की वैधता, बालू के स्रोत और परिवहन दस्तावेजों की जांच करता है या नहीं।
सवाल सिर्फ बालू के एक ढेर का नहीं है, बल्कि स्कूल जाने वाली बेटियों की सुरक्षा, सरकारी नियमों के पालन और प्रशासनिक जवाबदेही का भी है।
नोट: इस रिपोर्ट में अवैध भंडारण और अवैध परिवहन से जुड़े आरोप स्थानीय लोगों के दावों पर आधारित हैं। मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित प्रशासनिक और विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।




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