नई दिल्ली: राजस्थान में ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन को लेकर सामने आए विवाद के बाद केंद्र सरकार ने दवा निर्माता कंपनी जैक्सन लेबोरेट्रीज के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में कंपनी की निर्माण इकाइयों के मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं।
कंपनी के प्लांटों का लाइसेंस रद्द
सूत्रों ने बताया कि सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन और पंजाब व हिमाचल प्रदेश के राज्य औषधि नियंत्रकों ने संयुक्त रूप से कंपनी के प्लांटों का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस से जुड़े कई नियमों में खामियां पाई गईं। संयुक्त निरीक्षण टीम की सिफारिश के आधार पर दोनों राज्यों के लाइसेंसिंग प्राधिकरणों ने संबंधित इकाइयों के निर्माण लाइसेंस रद्द कर दिए।
मामला सामने आने के बाद हुआ एक्शन
स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई राजस्थान में सामने आए उस मामले के बाद की गई है, जिसमें मीडिया रिपोर्टों में जैक्सन लेबोरेट्रीज द्वारा निर्मित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का जिक्र प्रसूता महिलाओं की मौत के मामले में किया गया था। हालांकि, मामले की सच्चाई जानने के लिए केंद्र सरकार ने राजस्थान सरकार से विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है।
क्या था मामला
दरअसल, जेके लोन अस्पताल और राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय की सुपर स्पेशियलिटी इकाई में पांच मई से 17 मई के बीच सीजेरियन के जरिये प्रसव के बाद पांच महिलाओं की मौत हो गई थी। नकली ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन को इनकी वजह माना जा रहा है।

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