कृष्णा कुमार कुशवाहा
चौपारण (हजारीबाग) : आज पूरा विश्व साक्षरता दिवस मना रहा है। साक्षरता दिवस का प्रमुख उद्देश्य नव-साक्षरों को उत्साहित करना और साक्षरता कर्मियों को सम्मानित करना है। लोगों में व्यावसायिक कौशल विकसित करने के लिए साक्षरता एक बड़ा माध्यम है। उक्त बातें विश्व साक्षरता दिवस के अवसर पर चौपारण प्रखंड के साक्षरता कर्मियों के सम्मान में सन 1996 से साक्षरता के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा देने वाले तथा कई बार राज्य सरकार और भारत सरकार द्वारा सम्मानित प्रखंड कार्यक्रम समन्वयक मुकुंद साव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस संपूर्ण विश्व में 8 सितंबर को मनाया जाता है। मुकुंद साव ने कहा कि वर्तमान युग में शिक्षा बहुत ज़रूरी है। शिक्षा के बिना किसी भी कार्यक्रम का नियोजन संभव नहीं है। शिक्षा हमारे जीवन का आवश्यक अंग है। सरकार साक्षरता अभियान चलाकर प्रत्येक व्यक्ति को साक्षर बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। एक व्यक्ति का शिक्षित होना उसके स्वयं का विकास है, वहीं एक बालिका शिक्षित होकर पूरे घर को संवार सकती है। जब देश का हर नागरिक साक्षर होगा, तभी देश की तरक्की हो सकेगी।
मुकुंद साव ने कहा कि साक्षरता का तात्पर्य सिर्फ पढ़ना-लिखना ही नहीं, बल्कि यह सम्मान, अवसर और विकास से जुड़ा विषय है। दुनिया में शिक्षा और ज्ञान बेहतर जीवन जीने के लिए ज़रूरी माध्यम है। आज निरक्षरता देश की तरक्की में बहुत बड़ी बाधा है, जिसके अभिशाप से गरीब और गरीब होता जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस हमारे लिए अहम दिवस है, क्योंकि हमारे जीवन में शिक्षा का बहुत अधिक महत्व है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं की साक्षरता दर कम है, इसकी चिंता सरकार और समुदाय दोनों को करनी होगी। भारत सरकार ने महिलाओं की साक्षरता दर बढ़ाने के लिए साक्षर भारत मिशन चलाया था, परंतु जब तक साक्षरता अभियान साक्षरता कर्मियों के बीच रहा, तब तक उसका सफल संचालन होता रहा। जब से इसे साक्षरता कर्मियों से हटाकर सरकारी कर्मचारियों को सौंपा गया, तब से झारखंड से साक्षरता का नामोनिशान मिट गया। बहरहाल, चौपारण के साक्षरता कर्मी आज भी सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।विश्व साक्षरता दिवस के अवसर पर प्रखंड कार्यक्रम समन्वयक, प्रखंड साक्षरता समिति चौपारण मुकुंद साव ने चौपारण प्रखंड के साक्षरता कर्मियों को सम्मानित करते हुए स्वयंसेवकों और साक्षर हुए भाइयों-बहनों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
इस कार्यक्रम में सुनीता देवी, प्रियंका कुमारी, मंजू देवी, ममता कुमारी, केशरी नायक, फूलवंती देवी, शारदा देवी, सीता देवी, सियाराम कुमार भारती, ज्योति देवी, रंजित कुमार यादव, बृजनंदन प्रसाद सिंह, भुनेश्वर साव, जयमनी देवी, मिथुन कुमार शर्मा, माधवी सिन्हा, शहजादी खातून, पूजा कुमारी, रामसेवक कुमार दांगी, कृष्णा कुमार साव, सावित्री कुमारी, चंचला देवी, सुखदेव यादव, ब्रह्मदेव कुमार साव, सरोज कुमारी, नरेश कुमार, देवेंद्र कुमार, शंकर नाथ शाही, बासुदेव रजक, वजीर रजक, प्रतिमा देवी, राजेश कुमार, चिंता देवी, अशोक कुमार गुप्ता, छोटी कुमारी, बालेश्वर साव, पूनम देवी, आशा देवी, आशा रंजन, सतीश कुमार रवि, रिंकू देवी, खुशबू कुमारी, प्रमोद कुमार सिंह, मैना देवी, चंपा देवी, गीता देवी, हीरालाल साव, रेखा कुमारी, छोटन कुमार साव, आरती कुमारी, सावित्री देवी, पुष्पा देवी, सुधीर कुमार राणा, नीलम कुमारी, निभा देवी, पूर्णिमा देवी, मीना देवी, सीताराम साहू, अनीता देवी, गिरिजा देवी, आरती देवी, अंगिरा कुमारी, शुभम देवी, हेमंती देवी, कालेश्वरी देवी, संगीता देवी, पूनम कुमारी, यशोदा देवी, रीता देवी, मुनि देवी, विंदा देवी, सीमा देवी, नज़मुन खातून, शबाना खातून, शहनाज खातून, संजू देवी, गुड़िया देवी, कविता देवी, जितेंद्र कुमार वर्मा, संतोष कुमार पांडेय, विमला देवी, रूपा देवी, खूबलाल साव, ज्ञानी साव, लक्ष्मण साव, गुलाब रजक, पुष्पा सिंह, सियाराम कुमार सिंह, अर्जुन साहू, अजीत कुमार राणा, सुरेंद्र कुमार भारती, संजय पांडेय, पंकज पांडेय, पूर्णिमा कुमारी सहित कई भाइयों-बहनों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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