हजारीबाग-चौपारण-इटखोरी मुख्य मार्ग पर दादपुर में सड़क गड्ढे में तब्दील, चंदा जुटाकर हो रही मरम्मत, बरही विधायक और पंचायत मौन
कृष्णा कुमार कुशवाहा
चौपारण (हजारीबाग) : इसे विडंबना कहें या सिस्टम का फेलियर - हजारीबाग जिले के चौपारण और इटखोरी को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग दादपुर में मौत का रास्ता बन चुका है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे, जगह-जगह जलजमाव और टूटी हुई पुलिया के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं, लोग घायल हो रहे हैं, पर जिम्मेदार विभाग कुंभकर्णी नींद में है। आखिरकार तंग आकर दादपुर के युवाओं ने खुद ही मोर्चा संभाल लिया है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि युवा सड़क पर ट्रैक्टर से बालू-गिट्टी गिराकर, अपने हाथों से सड़क के गड्ढों को भर रहे हैं। इस नेक काम के लिए आने-जाने वाले वाहनों - कार, बाइक, ऑटो से चंदा इकट्ठा कर रहे हैं। एक तस्वीर में एक युवा सफेद कार चालक से सहयोग राशि मांगते हुए दिख रहा है, तो दूसरी तस्वीर में कार के अंदर से ही सड़क की बदहाली साफ नजर आ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क चौपारण थाना क्षेत्र में आती है और हजारों लोगों की लाइफलाइन है। इटखोरी के प्रसिद्ध भद्रकाली मंदिर जाने वाले श्रद्धालु भी इसी मार्ग से गुजरते हैं। बावजूद भी सड़क की मरमती नहीं हुई। सबसे बड़ा सवाल जनप्रतिनिधियों पर है। बरही के माननीय विधायक मनोज कुमार यादव, दादपुर पंचायत के मुखिया और संबंधित विभाग के अभियंताओं तक लगातार शिकायत के बाद भी इस सड़क की ओर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। ग्रामीण पूछ रहे हैं कि आखिर कब जागेगा प्रशासन? क्या किसी बड़ी मौत के बाद ही सड़क बनेगी? युवाओं की इस पहल की चौतरफा सराहना हो रही है, लेकिन साथ ही यह सरकार और सिस्टम पर करारा तमाचा भी है कि जिस काम के लिए करोड़ों का टेंडर होता है, वह काम आज गांव के युवा चंदा जुटाकर करने को मजबूर हैं।मांग: ग्रामीणों ने उपायुक्त हजारीबाग और पथ निर्माण विभाग से मांग की है कि दादपुर में इस मौत के रास्ते का अविलंब स्थायी निर्माण कराया जाए और दोषी संवेदक/अधिकारियों पर कार्रवाई हो।
0 Comments